
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 5 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित मोहनलालगंज क्षेत्र से गुजरी सई नदी में पीजीआई के गंदे नाले का पानी गिरने के आरोप को लेकर विरोध शुरू हो गया है। भवरेश्वर मंदिर के पास नदी किनारे गौरक्षक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस दौरान नदी में पहुंच रहे दूषित पानी को रोकने के साथ मंदिर परिसर व घाट की सफाई व्यवस्था बेहतर करने की मांग उठाई है।
बांक नाले से नदी में पहुंच रहा गंदा पानी
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पीजीआई क्षेत्र से निकलने वाला दूषित पानी बांक नाले के जरिए सीधे सई नदी में गिर रहा है। उनका कहना है कि नाले का पानी लगातार नदी में पहुंचने से सई का पानी प्रदूषित हो रहा है। इसी के विरोध में भवरेश्वर मंदिर के पास पुल के किनारे भूख हड़ताल शुरू की गई है।
नदी से जुड़ी है लोगों की आस्था
वक्ताओं ने कहा कि सई नदी स्थानीय लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। भवरेश्वर मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां लोग नदी में स्नान करने के बाद पूजा-पाठ करते हैं। ऐसे में नदी में गंदा पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसे मंदिर के आसपास की सफाई व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
पोस्टर लहराए, नारे गूंजे,रखी अपनीं मांगें
भूख हड़ताल स्थल पर कई पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें नदी में मिलने वाले नाले को तुरंत बंद कराने की मांग प्रमुख है। पोस्टरों के जरिए नदी की नियमित सफाई कराने की बात भी कही गई है। इसके साथ भवरेश्वर मंदिर परिसर व घाट पर उचित लाइटिंग, शौचालय व स्नान की समुचित व्यवस्था कराने की मांग रखी गई है।
मंदिर परिसर की सफाई पर भी जोर
प्रदर्शनकारियों ने मंदिर परिसर व घाट की स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी की सफाई के साथ घाट व मंदिर के आसपास का माहौल भी साफ रखा जाना जरूरी है। स्वच्छ नदी को लोगों की जिम्मेदारी बताते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के अधिकार से भी जोड़ा गया है।
कार्रवाई नहीं हुई तो खुद नाला बंद करने की चेतावनी
भूख हड़ताल पर बैठे अंशुमान, अनुपम राजेश व धीरेंद्र समेत अन्य गौ रक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन व संबंधित विभाग ने जल्द कदम नहीं उठाया तो वे खुद नाले को बंद करेंगे। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नाले का गंदा पानी किसी भी स्थिति में सई नदी तक न पहुंचे। इस मुद्दे को लेकर आसपास के ग्रामीणों में भी नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नदी की स्थिति को लेकर जिम्मेदार विभागों को मौके पर पहुंचकर समस्या देखनी चाहिए। उनकी मांग है कि नाले के पानी को नदी में गिरने से रोकने के साथ नदी की सफाई का नियमित इंतजाम किया जाए।






