
लखनऊ, 7 सितंबर 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस से पहले प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी चिट्ठी ‘योगी की पाती’ में साक्षरता को नए दौर की जरूरतों से जोड़ते हुए बड़ा संदेश दिया है। सीएम ने कहा कि आज के समय में केवल अक्षर ज्ञान पर्याप्त नहीं है। डिजिटल साक्षरता के साथ अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) साक्षरता भी समय की आवश्यकता है। उन्होंने हर बच्चे को विद्यालय पहुंचाने, हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और हर युवा को कौशल व नवाचार से जोड़ने का आह्वान किया।
शिक्षक दिवस पर 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक वह दीप हैं जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी क्रम में 8 सितंबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस को उन्होंने ज्ञान के विस्तार और हर व्यक्ति को सशक्त बनाने का अवसर बताया।
योगी ने शिक्षा के उद्देश्य को केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित मानने से इनकार किया। उनके मुताबिक बच्चों को ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन को सही दिशा देने वाली समझ देना शिक्षा का मूल उद्देश्य है। उन्होंने प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों और दायित्वबोध की शिक्षा दी जाती थी। यही समग्र दृष्टि आज की शिक्षा का भी आधार बननी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बदलती तकनीक के बीच शिक्षा की दिशा में भी बदलाव की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि AI, डीप-टेक और उभरती प्रौद्योगिकियां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के नए अवसर खोल रही हैं। सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है। लखनऊ में विकसित हो रहा AI City और कानपुर का ड्रोन एवं UAV तकनीक का उभरता इकोसिस्टम यूपी के तकनीकी भविष्य की नई संभावनाओं का आधार बताया गया।
मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों,
शिक्षक वह दीप हैं, जो ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इसी ज्ञान के विस्तार और प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में 8 सितंबर को हम अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाएंगे।
हमारी सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक… pic.twitter.com/qilR5B9XEL
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 7, 2026
‘योगी की पाती’ में सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयी सुविधाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और युवाओं के कौशल विकास पर किए जा रहे प्रयास गिनाए। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों से विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली और अधिक बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
योगी ने साक्षरता को केवल सरकार की जिम्मेदारी न मानते हुए समाज से भी भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि आसपास कोई व्यक्ति अक्षर ज्ञान से वंचित है तो उसे पढ़ना-लिखना सिखाना हर नागरिक का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने संकल्प दिलाया कि हर बच्चा विद्यालय पहुंचे, हर युवा कौशल और नवाचार से जुड़े और हर नागरिक साक्षर होने के साथ डिजिटल ज्ञान व AI के प्रति जागरूक बने।






