
लखनऊ, 7 सितंबर 2026:
यूपी के बाढ़ प्रभावित चित्रकूट का जमीनी हाल देखकर लौटे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब राहत और पुनर्वास के मोर्चे पर अफसरों को तेजी दिखाने के साफ निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ से हुए नुकसान की समीक्षा की और प्रभावित परिवारों तक हरसंभव मदद तत्काल पहुंचाने को कहा। उन्होंने फसल और मकानों की क्षति का तत्काल सर्वे कराकर पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ने और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता देने को कहा। चित्रकूट धाम में बाढ़ की मार झेलने वाले व्यापारियों, मठ-मंदिरों और अन्य प्रभावितों को हुए नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राहत वितरण में देरी पर भी मुख्यमंत्री ने रफ्तार तय कर दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बाढ़ के बाद बीमारी का संकट न खड़ा हो।
बैठक में मुख्यमंत्री का फोकस सिर्फ तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण चिन्हित कर नियमानुसार हटाने और नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने को कहा। सबसे अहम निर्देश मंदाकिनी को प्रदूषण से बचाने को लेकर रहा। पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग को समन्वित कार्ययोजना बनाकर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि किसी भी हालत में सीवर और नालों का पानी पवित्र मंदाकिनी में न पहुंचे।

घाटों के विस्तारीकरण की कार्ययोजना तैयार करने के साथ मुख्यमंत्री ने भविष्य में अतिवृष्टि और बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने पशुधन की सुरक्षा, गोशालाओं में पर्याप्त चारे और लंपी डिजीज से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।






