
लखनऊ, 7 सितंबर 2026:
तेज बारिश… सुबह का समय… और हाथों में नौकरी की उम्मीद लिए राजधानी लखनऊ पहुंचे दर्जनों बेरोजगार युवा। मकसद एक ही था- लाइब्रेरियन की भर्ती। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं का सब्र सोमवार को एक बार फिर जवाब दे गया। अलग-अलग जिलों से आए युवाओं ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव कर दिया। बारिश तेज के बावजूद बेरोजगार युवा डेढ़ से दो घंटे तक डटे रहे। उनका साफ कहना था कि मुलाकात होगी तभी यहां से जाएंगे।
युवाओं का आरोप है कि प्रदेश में 2016 के बाद से लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती नहीं हुई है। इस दौरान सैकड़ों युवा लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई कर डिग्री हासिल कर चुके हैं लेकिन नौकरी के लिए लगातार इंतजार कर रहे हैं। युवाओं का कहना है कि एक तरफ संबंधित योग्यता रखने वाले युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, वहीं कई जगह बिना लाइब्रेरी साइंस की डिग्री वाले लोगों से लाइब्रेरी का काम कराया जा रहा है।
बेरोजगार युवाओं ने PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन के पदों पर नई भर्ती निकालने की मांग की। उनका कहना है कि भर्ती को लेकर वे लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही मिलता है।

सोमवार को लंबे इंतजार के बाद जब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक आवास से बाहर निकले तो युवाओं ने उन्हें घेर लिया। कई युवा हाथ जोड़कर उनके सामने खड़े हो गए। कुछ ने उनके पैर भी छुए। युवाओं की गुहार थी… ‘सर, नौकरी चाहिए।’ उनका कहना था कि नौकरी की मांग को लेकर वे ‘दर-दर की ठोकरें’ खाने को मजबूर हैं।
युवाओं ने बताया कि वे इससे पहले 25 अगस्त को भी डिप्टी सीएम से मिले थे। उस समय उन्होंने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष से फोन पर बात भी कराई थी लेकिन उस बातचीत का भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
प्रयागराज से आए एक अभ्यर्थी ने बताया कि भर्ती की मांग को लेकर 14 मई, 2 जून और 19 जून 2026 को भी युवाओं ने पिकप भवन का घेराव किया था। आरोप है कि वहां अधिकारियों से सीधे मिलने नहीं दिया जाता और कर्मचारी ही अभ्यर्थियों से बातचीत करते हैं।
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) September 7, 2026
युवाओं के मुताबिक उन्हें बताया गया था कि लाइब्रेरियन के 362 पदों की अधियाचना आयोग को मिल चुकी है। इसके बावजूद हर बार अगले महीने भर्ती निकालने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। युवाओं का सवाल है कि अगर पदों की अधियाचना मिल चुकी है तो भर्ती का विज्ञापन आखिर कब जारी होगा?
दस साल से भर्ती का इंतजार कर रहे इन युवाओं के लिए सोमवार की बारिश सिर्फ मौसम नहीं थी अपितु उस व्यवस्था पर सवाल थी जिसके दरवाजे पर वे बार-बार दस्तक दे रहे हैं। डिग्री हाथ में है, पदों की अधियाचना होने की बात सामने आ चुकी है लेकिन नौकरी अब भी दूर है। इसी सवाल के साथ बेरोजगार युवा एक बार फिर राजधानी की सड़कों पर उतर आए।






