लखनऊ, 26 अप्रैल 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व के दूसरे दिन शनिवार को स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और सांस्कृतिक भारत निर्माण में उनके योगदान पर केंद्रित भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में युवाओं, साहित्य प्रेमियों और बुद्धिजीवियों की भारी भागीदारी रही जिससे पूरा परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’ के साथ नाट्य मंचन से हुई। करीब 90 मिनट तक चले इस मंचन में कलाकारों ने विवेकानंद के संघर्ष, तपस्या और शिकागो धर्म संसद 1893 में दिए गए उनके ऐतिहासिक उद्बोधन को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सांस्कृतिक संध्या की प्रस्तुतियों ने माहौल को भावविभोर कर दिया।

द्वितीय दिवस का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर आयोजित परिसंवाद रहा। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति, आत्मगौरव और आध्यात्मिक चेतना को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई। उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और चरित्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की उपस्थिति में पानी पंचायत नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। उन्होंने जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जनसहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए ऊर्जा और संकल्प का स्रोत हैं। कार्यक्रम में कृषि मंत्री एवं संयोजक सूर्य प्रताप शाही, डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. सिद्धार्थ शंकर, डॉ. नीरज सिंह, राजेंद्र सिंह, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित कई लोग मौजूद रहे।






