
लखनऊ, 7 सितंबर 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ राजनीतिक दलों में दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपने पाले में लाने की होड़ तेज हो गई है। इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव का नया मोर्चा खुल गया है। ‘आप’ के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस पर पार्टी के नाम पर भ्रामक और फर्जी खबरें फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने जिन लोगों को ‘आप’ के किसान प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव बताकर पार्टी में शामिल कराया, वे इन पदों पर हैं ही नहीं।
संजय सिंह ने सोमवार को सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पूरे मामले को ‘गहरी राजनीतिक साजिश’ करार दिया। उनका आरोप है कि मीडिया संस्थानों को गलत तथ्य उपलब्ध कराकर एक ऐसी खबर प्रचारित कराई गई जिससे आम आदमी पार्टी के संगठन को कमजोर दिखाने की कोशिश हुई।
‘किस झूठे इंसान ने अखबारों को दी खबर?’
संजय सिंह ने सवाल उठाया कि आखिर किस झूठे इंसान ने अखबारों को यह गलत जानकारी मुहैया कराई? उन्होंने कहा कि कुछ अखबारों और सोशल मीडिया हैंडल्स पर यह खबर चलाई गई कि ‘आप’ किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विवेक पांडे, प्रदेश महासचिव संजय मिश्रा समेत कुछ अन्य नेता कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
किस झूठे इंसान ने अखबारों को ये खबर दी @AAPUttarPradesh किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष तो कमाण्डो अशोक हैं।
ये किस प्रदेश अध्यक्ष को कांग्रेस ने शामिल कर लिया इस पर खंडन छापो वरना लीगल नोटिस भेजी जाएगी। pic.twitter.com/0K1Fd8RE1z— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) September 7, 2026
संजय सिंह ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश किसान प्रकोष्ठ के वास्तविक प्रदेश अध्यक्ष कमांडो अशोक और प्रदेश महासचिव नीरज छौंकर हैं। उनका आरोप है कि किसी दूसरे व्यक्ति को फर्जी तरीके से प्रदेश अध्यक्ष या प्रदेश महासचिव बताकर कांग्रेस में शामिल कराना राजनीतिक रूप से भ्रम पैदा करने की कोशिश है।
‘मीडिया को ढाल बनाकर भ्रम फैलाया’
‘आप’ सांसद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए किसी व्यक्ति को ‘प्रदेश अध्यक्ष’ का टैग देकर जॉइनिंग कराना जनता और मीडिया दोनों को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी का संगठन उत्तर प्रदेश में पूरी मजबूती के साथ खड़ा है।
खंडन न करने पर लीगल नोटिस की चेतावनी
संजय सिंह ने उन समाचार पत्रों और न्यूज पोर्टल्स से भी खबर का खंडन प्रकाशित करने की मांग की, जिन्होंने इस जानकारी को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों को किसी राजनीतिक दल की ओर से दी गई जानकारी प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए।
संजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित संस्थानों ने भ्रामक खबर का खंडन नहीं किया तो आम आदमी पार्टी की ओर से लीगल नोटिस भेजने की कार्रवाई की जाएगी। चुनाव से पहले सामने आया यह विवाद आने वाले दिनों में ‘आप’ और कांग्रेस के बीच सियासी रिश्तों को और तल्ख कर सकता है।






