
लखनऊ, 26 जून 2026:
उत्तर प्रदेश में छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा को और मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेशभर में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्कूलों के साथ Co-location और Mapping का अभियान मिशन मोड में शुरू कर दिया गया है। इसका मकसद बच्चों को स्कूल के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना, शिक्षा के साथ पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़ना है।
यह अभियान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और महिला-बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त दिशा-निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा और राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी, साथ ही बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक हर्षिता माथुर ने सभी जिलों को संयुक्त निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के तहत 30 जून तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा-1 संचालित परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों की मैपिंग पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी दौरान संबंधित विद्यालयों का U-DISE कोड अपडेट किया जाएगा। Hot Cooked Meal पोर्टल पर भी जरूरी जानकारी अपलोड की जाएगी, ताकि दोनों विभागों का डेटा एक जैसा रहे और योजनाओं का बेहतर तालमेल बन सके।
सरकार का मानना है कि आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय से बालवाटिका, निपुण भारत मिशन और शुरुआती शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी। इससे बच्चों का आंगनबाड़ी से स्कूल तक का सफर आसान होगा। साथ ही उन्हें शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर फायदा भी मिल सकेगा।
मैपिंग तय मानकों के मुताबिक होगी। जो आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल परिसर में चल रहे हैं, उन्हें Co-located Anganwadi Centre के तौर पर दर्ज किया जाएगा। जो केंद्र बाहर हैं, उन्हें दूरी के आधार पर नजदीकी प्राथमिक विद्यालय से जोड़ा जाएगा। 200 मीटर के भीतर मौजूद केंद्रों की मैपिंग उसी स्कूल से होगी, ताकि वहां बनने वाला Hot Cooked Meal समय पर बच्चों तक पहुंच सके। जहां स्कूल परिसर में जगह नहीं होगी, वहां नजदीकी स्कूल से मैपिंग की जाएगी। शहरी इलाकों में 500 मीटर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर के दायरे वाले विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी।
अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर जिले में मैपिंग, U-DISE अपडेट और पोर्टल पर डेटा अपलोड का संयुक्त सत्यापन जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। इससे आंकड़ों की शुद्धता के साथ तय समय में पूरी प्रक्रिया पूरी कराने में मदद मिलेगी।






