Lucknow City

नारी को 50% आरक्षण भी कम, धर्मपत्नी ही बचाती है पतन से… रामभद्राचार्य का बड़ा संदेश

श्रीराम कथा में बोले जगद्गुरु, मां का स्थान पिता से दस गुना बड़ा, आदर्श दाम्पत्य, नारी सम्मान और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर दिया जोर, आज कथा में शामिल होंगे सीएम योगी

लखनऊ, 9 जून 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने नारी सम्मान, आदर्श दाम्पत्य जीवन और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर अपने ओजस्वी विचार रखे। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पत्नी केवल जीवनसाथी नहीं अपितु धर्म के मार्ग पर चलने वाली धर्मपत्नी होती है। वह अपने पति को पतन से बचाने का कार्य करती है।

रामभद्राचार्य ने कहा कि पति-पत्नी का संबंध अधिकारों का नहीं बल्कि परस्पर सम्मान, समर्पण और मर्यादा का होता है। उन्होंने भगवान श्रीराम के वनवास काल का उल्लेख करते हुए बताया कि स्फटिक शिला पर भगवान श्रीराम द्वारा माता सीता का पुष्पों से श्रृंगार करना भारतीय संस्कृति में नारी सम्मान और आदर्श दाम्पत्य का सर्वोत्तम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का प्रेम वासनात्मक नहीं अपितु उपासनात्मक होता है।

Rambhadracharya on Women Importance of Respect (1)

ये भी पढ़ें:

कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के वनवास काल में आदिवासियों, गिरिवासियों और माता शबरी से मिलन के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। ऋषि शरभंग प्रसंग के माध्यम से उन्होंने नवधा भक्ति के छठे स्वरूप ‘वंदन भक्ति’ की व्याख्या करते हुए श्रद्धा और समर्पण का संदेश दिया।

नारी शक्ति के विषय पर रामभद्राचार्य ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लाए गए नारी शक्ति वंदन प्रस्ताव का भी विरोध हुआ था जबकि भारतीय संस्कृति की दृष्टि से महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया जाए तो वह कम होगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण की धुरी हैं। उनके बिना किसी भी सभ्य समाज की कल्पना अधूरी है।

मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में मां का स्थान सर्वोच्च माना गया है। शास्त्रों में माता को पिता से दस गुना अधिक सम्मान का अधिकारी बताया गया है। उन्होंने कहा कि मां ही संस्कारों की प्रथम पाठशाला होती है और उसके योगदान का कोई विकल्प नहीं है।

Rambhadracharya on Women Importance of Respect (2)

कथा के दौरान पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा, विधायक विनय वर्मा, गोविंद नारायण शुक्ल, संतोष सिंह, शिव कुमार गुप्ता, पद्मश्री सुनील जोगी सहित कई प्रमुख लोगों ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजक एवं स्थानीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने अतिथियों का स्वागत किया। कथा का समापन पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कथा श्रवण कर व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

READ MORE

ये भी पढ़ें  चुनाव को लेकर डिजिटल मोर्चे पर भाजपा की तैयारी तेज... कार्यशाला में बूथ कार्यकर्ताओं ने ली ट्रेनिंग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button