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‘जिसकी रही भावना जैसी… कौशल किशोर की ताजी टिप्पणी, निकाले जा रहे सियासी मायने

काकोरी के शीतला माता मंदिर में पत्नी एवं विधायक जयदेवी के साथ जातिगत भेदभाव मामले को लेकर लगातार सक्रिय हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री, 13 सितंबर की आत्मसम्मान रैली का पहले ही कर चुके हैं ऐलान, अब दो पंक्तियों वाली ताजा पोस्ट ने नई बहस छेड़ी

प्रमोद कुमार

मलिहाबाद (लखनऊ), 8 सितंबर 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर के सोशल मीडिया पोस्ट ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी है। उन्होंने लिखा, ‘जिसकी रही भावना जैसी, मेरी सीरत दिखी उन्हें वैसी।’ महज दो पंक्तियों की इस पोस्ट को काकोरी के शीतला माता मंदिर विवाद के बाद उनके रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

मंदिर में विधायक जयदेवी के साथ जातिगत भेदभाव से शुरू हुआ था विवाद

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कौशल किशोर की पत्नी व मलिहाबाद से भाजपा विधायक जयदेवी कौशल से जुड़े काकोरी मंदिर विवाद के बाद से वह लगातार इस मुद्दे पर अपनी बात रखते रहे हैं। शीतला माता मंदिर के जीर्णोद्धार के भूमि पूजन कार्यक्रम में विधायक के साथ कथित जातिगत भेदभाव का आरोप सामने आया था। कौशल किशोर ने इसे पासी समाज के सम्मान व सनातन मूल्यों पर प्रहार से जोड़ते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

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आत्मसम्मान रैली के ऐलान से दिखा बदला अंदाज

इस विवाद के बाद कौशल किशोर ने 13 सितंबर को लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आत्मसम्मान रैली का ऐलान भी किया। रैली के जरिए सामाजिक सम्मान, समान शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक बराबरी सहित कई मुद्दे उठाने की तैयारी है। ऐसे में 7 सितंबर की पोस्ट को उनके समर्थक उनके भीतर चल रही नाराजगी की एक शालीन अभिव्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं। कौशल किशोर के राजनीतिक सफर को देखते हुए इस पोस्ट का असर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह मोहनलालगंज से दो बार सांसद रह चुके हैं। मोदी सरकार में 2021 से 2024 तक आवास व शहरी मामलों के राज्य मंत्री रहे कौशल किशोर लंबे समय से यूपी की राजनीति में सक्रिय हैं।

सोशल मीडिया पर लगातार कर रहे इशारा

पिछले दिनों कौशल किशोर के सोशल मीडिया पोस्ट लगातार चर्चा में रहे हैं। उन्होंने पहले लिखा था कि गेंद जितनी ऊपर जानी थी जा चुकी है, अब नीचे आने की रफ्तार बढ़ रही है। इसके बाद उन्होंने संगठन या आंदोलन के अपने उसूलों से भटकने पर टिप्पणी की थी। अब 7 सितंबर को ‘भावना’ व ‘सीरत’ वाली पोस्ट के जरिए उन्होंने बिना किसी नेता, संगठन या व्यक्ति का नाम लिए अपनी बात रखी है। यही वजह है कि इसे सीधे राजनीतिक बयान की जगह संकेत के तौर पर पढ़ा जा रहा है।

नाराजगी के बीच संयमित संदेश, रैली से पहले विरोधी कर रहे अगले कदम का इंतजार

मंदिर प्रकरण से कौशल किशोर आहत हैं, यह उनके पहले के बयानों से साफ दिखा है। उन्होंने पत्नी जयदेवी कौशल के कथित अपमान को गंभीर मामला बताते हुए पासी समाज के सम्मान का सवाल उठाया था। इसके बावजूद उनके ताजा पोस्ट का अंदाज टकराव वाला नहीं है। उन्होंने किसी पर सीधा हमला करने के बजाय अपनी प्रतिक्रिया दो पंक्तियों में रखी है। उनके पुराने बयानों को देखें तो यह भी साफ है कि वह अपने विरोधियों को राजनीतिक जवाब देने की स्थिति में खुद को कमजोर नहीं मानते।

फिलहाल अब ताजी पोस्ट में उन्होंने जवाब देने से पहले शालीनता से अपनी बात कही है। इसी के साथ ही चार दिन बाद 13 सितंबर की प्रस्तावित आत्मसम्मान रैली अब उनके अगले बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के तौर पर देखी जा रही है। हालांकि इस बीच विरोधी उनके अगले किसी नए दांव पर भी नजर जमाए हैं।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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