जीसीसी इनोवेशन समिट : नवाचार व वैश्विक कारोबार विस्तार पर होगा मंथन, 15 MOU पर होंगे साइन
राजधानी के एक होटल में होगा आयोजन, सीएम योगी करेंगे उद्घाटन, उद्योग जगत के 100 से अधिक प्रतिनिधि, नीति निर्माता व अधिकारी लेंगे हिस्सा, निवेश, उद्योग-अकादमिक सहयोग व रोजगार सृजन पर रहेगा जोर

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026ः
यूपी को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने को योगी सरकार ने कदम उठाए हैं। इसी क्रम में 26 अक्टूबर को लखनऊ के एक होटल में यूपी जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का आयोजन किया जाएगा। सीएम समिट का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर 15 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने और संभावित निवेशकों को पांच लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) जारी करने की योजना है।
इन्वेस्ट यूपी व एचसीएलटेक के सहयोग से आयोजित होगा कार्यक्रम
आईआईटी कानपुर एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से इन्वेस्ट यूपी और एचसीएलटेक के सहयोग से आयोजित इस समिट में जीसीसी क्षेत्र के 100 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के शामिल होने की उम्मीद है। समिट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल परिवर्तन, नवाचार, कौशल विकास और वैश्विक कंपनियों के लिए प्रदेश में कारोबार स्थापित करने और उसका विस्तार करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
2031 तक 500 से अधिक जीसीसी स्थापित करने का लक्ष्य
यूपी ने वर्ष 2031 तक 500 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं, सेमीकंडक्टर, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पहले से ही 200 से अधिक जीसीसी संचालित हैं। सरकार का उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ मौजूदा केंद्रों के विस्तार को भी प्रोत्साहित करना है। उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति-2024 के तहत पात्र निवेशकों को निर्धारित प्रावधानों और पात्रता शर्तों के अनुसार 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी और 50 प्रतिशत तक भूमि सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।
बुनियादी ढांचे व अकादमिक सहयोग से विकास को मिलेगी गति
नोएडा व ग्रेटर नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, बेहतर कनेक्टिविटी और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे के कारण जीसीसी निवेश के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। वहीं, लखनऊ भी प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, नवाचार और वैश्विक व्यावसायिक सेवाओं के लिए उभरते गंतव्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। आईआईटी कानपुर, आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी और आईआईआईटी लखनऊ जैसे संस्थान उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने, उन्नत कौशल विकास और एआई आधारित उद्योगों के लिए कुशल प्रतिभा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समिट के दौरान उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 13 शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।






