
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 8 सितंबर 2026:
यूपी के लखनऊ स्थित मोहनलालगंज क्षेत्र के कमलापुर बिचलिखा माइनर से कुबहरा तक अधूरी सड़क अफसरों के गले मे फंसी हड्डी बन गई है। जिला पंचायत के निर्माण व पेमेंट के खुलासे के बाद राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के तेवर उग्र हो गए हैं। 21वें दिन धरनास्थल पर एसडीएम आए और रास्ते का हाल देखा। उनके वादे पर भी किसान संगठन ने घेराव का ऐलान वापस लेने से इंकार कर दिया।
धरनास्थल पर पहुंचे SDM ने देखा रास्ते का हाल
धरना स्थल कुबहरा सामुदायिक मिलन केंद्र पर पहुंचे मोहनलालगंज के एसडीएम आकाश सिंह ने किसानों से बातचीत कर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश की। किसानों ने सोमवार को जिला पंचायत की अवर अभियंता मधु की ओर से दी गई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि सड़क को 2018 में जिला पंचायत के रिकॉर्ड में डामरीकृत दिखाया गया है। इसके लिए 1 करोड़ 85 लाख रुपये का भुगतान भी होने की बात सामने आई है, जबकि मौके पर सड़क बनी ही नहीं है।
डीएम से वार्ता को दो-तीन दिन का समय मांगा
किसानों की बात सुनने के बाद एसडीएम पैदल ही पूरे मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर सड़क निर्माण नहीं मिलने पर उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। एसडीएम ने किसानों से कहा कि वह जिलाधिकारी से बातचीत कर PWD, वन विभाग, जिला पंचायत के अधिकारियों के साथ किसानों की संयुक्त बैठक कराने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि मामले को आगे बढ़ाने से पहले दो-तीन दिन का समय दिया जाए, जिससे सड़क निर्माण को लेकर रास्ता निकाला जा सके।

कल सुबह तक बैठक नहीं हुई तो घेराव
किसान इस आश्वासन से सहमत नहीं हुए। उन्होंने साफ कहा कि 9 सितंबर को प्रस्तावित PWD मुख्यालय घेराव का कार्यक्रम नहीं टलेगा। किसानों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि 9 सितंबर की सुबह 10 बजे तक जिलाधिकारी के सामने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक कराकर बातचीत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन के अगले चरण में जाएंगे। किसानों ने कहा कि समय पर सूचना नहीं मिलने पर वे कुबहरा से ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए लखनऊ स्थित PWD प्रमुख अभियंता कार्यालय के लिए रवाना होंगे।

गांव-गांव पहुंचकर जुटाया समर्थन
घेराव की तैयारी को लेकर किसान नेताओं ने कमालपुर बिचलिखा, धोवैया, रामबक्स खेड़ा, समेसी, तमोरिया, इस्माइल नगर, नेवाजखेड़ा, देवती, बरकत नगर समेत आसपास के गांवों में जनसंपर्क किया। ग्रामीणों से 9 सितंबर के आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई। कई ग्रामीणों ने किसानों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।






