
बाराबंकी, 13 सितंबर 2026:
यूपी के बाराबंकी में गोंडा के कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर रविवार को सियासी माहौल गरमा गया। भीम आर्मी चीफ व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ विनोद साहनी के परिवार से मिलने गोंडा जा रहे थे। मसौली के शहाबपुर टोल गेट पर पुलिस ने उनका काफिला रोक दिया। इसको लेकर पुलिस अधिकारियों व भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई, जिसके बाद धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

काफिला रोके जाने पर पुलिस से तीखी नोकझोंक
काफिला रोके जाने की जानकारी मिलते ही चंद्रशेखर आजाद वाहन से नीचे उतरकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी बहस हुई। नाराज आजाद ने पुलिसकर्मियों से माफी की मांग की। इसके बाद वह कार्यकर्ताओं के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान बात उस समय भी बिगड़ गई जब उत्साही समर्थक हाथ से जबरन बैरियर उठाकर गाड़ियों को निकालने लगे। पुलिस ने एतराज कर आगे बढ़ीं गाड़ियों को रोका।

सरकार से जिम्मेदारी तय करने की मांग
धरने के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका आरोप है कि अगर विनोद साहनी की हत्या पुलिस संरक्षण में हुई है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन को लेनी होगी। आजाद ने बताया कि वह करीब दो महीने पहले विनोद साहनी से मिले थे। उनके मुताबिक साहनी सरनेलगंज से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। आजाद ने विनोद साहनी के परिवार को सुरक्षा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने की भी मांग रखी।
हमला करने वाले माफी मांगे, सीएम के कार्यक्रमों में होगा विरोध
सासंद ने कहा कि मैं बाराबंकी पुलिस से स्पष्ट कहना चाहता हूं काफिले पर हमला करने वाले व्यक्ति को सामने आकर हमारे कार्यकर्ताओं से माफी मांगनी होगी और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमारे कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध दर्ज कराएंगे। जहां-जहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम होंगे, वही हम विरोध करेंगे। अन्याय और कार्यकर्ताओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।






