
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 16 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड में प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना जल जीवन मिशन का प्रमुख उद्देश्य है। इस पर धामी सरकार का मुख्य फोकस है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा रही है। परियोजनाओं को तेजी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 23 अधूरी परियोजनाओं के शेष कार्य जल्द पूरा करने को कहा। साथ ही कहा कि पूरी हो चुकी योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण (टीपीआई) कराते हुए वित्तीय समापन की कार्रवाई समय से पूरी करें।
डीएम ने कहा कि जल जीवन मिशन के द्वितीय चरण की लंबित परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा किया जाए। पूरी हो चुकीं योजनाओं का टीपीआई शीघ्र कराने के साथ संबंधित गांवों में ‘हर घर जल’ प्रमाणन की प्रक्रिया भी समयबद्ध रूप से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परियोजनाओं की प्रगति सुनिश्चित की जाए। बैठक में जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 1,29,491 ग्रामीण परिवारों में से 1,29,449 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। मिशन के प्रथम चरण की सभी 333 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं।
नोडल अधिकारी ने कहा कि द्वितीय चरण की 760 योजनाओं में से 737 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 23 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें तीन योजनाएं वन भूमि संबंधी स्वीकृतियां लंबित होने के कारण प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि जनपद के 635 गांवों में से 586 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष 49 गांवों में प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। डीएम ने कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता एवं प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






