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इनकम से 149% ज्यादा संपत्ति! बैंक मैनेजर पर Vigilance का शिकंजा, दो ठिकानों पर छापे में 4.40 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज

लखनऊ के आशियाना स्थित घर से कृष्णानगर के प्राइवेट ITI तक एक साथ तलाशी, दो मंजिला मकान, तीन मंजिला ITI, कई प्लॉट, वाहन, हथियार और सोने-चांदी के आभूषण से जुड़े साक्ष्य मिले

लखनऊ, 17 सितंबर 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रबंधक सुभाष चंद्र के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की दो टीमों ने लखनऊ में उनके दो ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर तलाशी ली। आशियाना स्थित आवास और कृष्णानगर के इंद्रलोक स्थित प्राइवेट आईटीआई में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 4.40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज व अन्य साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

विजिलेंस के अनुसार मूल रूप से ग्राम हसनापुर, पोस्ट सुभानखेड़ा, तहसील संडीला, हरदोई निवासी सुभाष चंद्र के खिलाफ हुई जांच में उनकी ज्ञात आय के मुकाबले 149.67 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई। इस मामले में वर्ष 2025 में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना लखनऊ सेक्टर की सीआई टीम कर रही है।

भ्रष्टाचार की विवेचना के दौरान विजिलेंस ने लखनऊ कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद दोनों ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की गई। टीम ने संपत्तियों, निवेश और अन्य सामान से संबंधित दस्तावेज खंगाले। तलाशी के दौरान वृंदावन योजना फेस-2 में दो प्लॉट, आशियाना के मारुतिपुरम में एक प्लॉट और भगवती विहार इंद्रलोक कॉलोनी में दो प्लॉट समेत कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले।

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विजिलेंस के मुताबिक आशियाना स्थित दो मंजिला मकान के निर्माण पर करीब 40 लाख रुपये और कृष्णानगर के इंद्रलोक में बने वीरेन्द्र सिंह मेमोरियल प्राइवेट आईटीआई के तीन मंजिला भवन पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। इन अचल संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 3.40 करोड़ रुपये बताया गया है। इसके अलावा तलाशी में वाहन, असलहा, सोने-चांदी के आभूषण, महंगे साज-सज्जा के सामान और अन्य निवेश से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं।
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परिवार के नाम पर भी निवेश की जांच

विजिलेंस के अनुसार आरोपी ने अपने और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर चल-अचल संपत्तियों में निवेश किया है। तलाशी में मिले दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया जा रहा है। अब इन संपत्तियों और निवेश के स्रोत, खरीद तथा धनराशि से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। विजिलेंस की विवेचना अभी जारी है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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