
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 17 सितंबर 2026:
यूपी के लखनऊ स्थित निगोहां क्षेत्र में मोबाइल की किस्त वसूलने के लिए मजदूर को बंधक बनाकर खून निकलवाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने मजदूर को पकड़ने में खर्च हुए पेट्रोल के रुपये निकालने के लिए उसका खून निकलवाया। ब्लड बैंक से मिले रुपये खर्च करने के बाद दोनों ने पार्टी भी की। पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के मैनेजर सुशान्त शर्मा समेत अनिकेत सिंह उर्फ काका को पकड़ा है, जबकि मुख्य आरोपी शुभम सिंह की तलाश जारी है।
मोबाइल की 2,607 रुपये की किस्त थी बकाया
राजारामखेड़ा मजरा पुरहिया निवासी युवक ने फाइनेंस पर 30,500 रुपये का मोबाइल लिया था। उसकी 2,607 रुपये की किस्त बकाया थी। पुलिस के अनुसार आठ सितंबर को शुभम सिंह अपने साथी के साथ उसे मोबाइल की दुकान पर ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गया। इसके बाद उसे बुद्धेश्वर के पास स्थित एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट रक्त निकलवाया गया। आरोप है कि रक्त के बदले मिली रकम आरोपितों ने अपने पास रख ली।
चार दिन घर में रखा, पुराने प्लास्टर की तुड़ाई कराई
खून निकलवाने के बाद युवक को शुभम के घर ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसे करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे पुराने प्लास्टर को छैनी-हथौड़ी से तुड़वाकर मजदूरी कराई गई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने युवक को पकड़ने में लगे पेट्रोल के खर्च की भरपाई के लिए पहले खून से रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। इसके बाद बची रकम से पार्टी की।

भाई से 2,799 रुपये ऑनलाइन वसूले
इसके बाद आरोपितों ने युवक के बड़े भाई राजकुमार से मोबाइल की किस्त के नाम पर 2,799 रुपये ऑनलाइन जमा कराए। रकम मिलने के बाद 12 सितंबर को युवक को रैपिडो बाइक से घर भेज दिया गया। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
फाइनेंस कंपनी का मैनेजर व साथी गिरफ्तार, फील्ड एजेंट शुभम की तलाश जारी
निगोहां पुलिस के अनुसार मामले में तीन टीमें लगाई गई थीं। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर निगोहां के चमन चौराहे से करीब 100 कदम दूर राती मार्ग से अनिकेत सिंह उर्फ काका और सुशान्त शर्मा (31) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सुशान्त ने बताया कि वह टीपीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड के बीबीडी विराज टावर, विभूतिखंड स्थित कार्यालय में मैनेजर है। पुलिस के मुताबिक शुभम सिंह फील्ड एजेंट है। पुलिस के मुताबिक मोबाइल की किस्त वसूलने के लिए आरोपितों ने गैरकानूनी तरीका अपनाया। मामले में मुख्य तीसरा आरोपी शुभम सिंह फरार है।






