
लखनऊ, 17 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में अपना आशियाना बनाने के लिए प्लॉट तलाश रहे लोगों के लिए नवरात्रि खास होने जा रही है। एक साथ तीन बड़ी आवासीय योजनाओं में करीब आठ हजार भूखंडों का पंजीकरण खुलने की तैयारी है। यानी लंबे समय से जमीन की तलाश कर रहे लोगों के सामने एक साथ कई विकल्प होंगे। वहीं, दूसरी ओर सुशांत गोल्फ सिटी में बंधक भूखंडों की बिक्री का मामला हजारों खरीदारों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है।

आवास विकास परिषद की सौमित्र विहार योजना में करीब 2000 से अधिक भूखंडों के लिए पंजीकरण खोले जाने की संभावना है। नई जेल रोड पर गोसाईंगंज के आगे विकसित हो रही इस योजना के लिए यूपी रेरा में आवेदन किया गया था। सहमति मिलने के बाद प्रमाणपत्र की औपचारिकता पूरी होना बाकी है। परिषद के अधिकारियों के मुताबिक योजना का शुभारंभ नवरात्रि में किया जाएगा। यहां प्लॉट की संभावित कीमत करीब 2500 से 3000 रुपये प्रति वर्गफुट के बीच हो सकती है।
इधर एलडीए की वरुण विहार और नैमिषनगर योजना भी इसी महीने प्लॉट खरीदारों के लिए खुलने की तैयारी में हैं। दोनों योजनाओं में करीब 6000 भूखंडों का पंजीकरण खोला जाएगा। वरुण विहार में प्लॉट की कीमत 2800 रुपये प्रति वर्गफुट, जबकि नैमिषनगर में 3800 रुपये प्रति वर्गफुट निर्धारित की गई है। एलडीए ने दोनों योजनाओं के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री से 21 सितंबर का समय मांगा है। शुभारंभ के बाद पंजीकरण शुरू होने की उम्मीद है।
प्लॉट खरीदने वालों के लिए दूसरी बड़ी खबर
एक तरफ नए प्लॉटों के विकल्प बढ़ रहे हैं वहीं सुशांत गोल्फ सिटी में 2747 भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त कराने की तैयारी है। एलडीए ने शासन को भेजे प्रस्ताव में इन भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त कराने की बात कही है। शासन की रिपोर्ट के मुताबिक अंसल बिल्डर ने एलडीए में 3489 भूखंड बंधक रखे थे। बंधक होने के कारण इनकी बिक्री और रजिस्ट्री नहीं की जा सकती थी। इसके बावजूद इनमें से 2747 भूखंड बेच दिए गए और उनकी रजिस्ट्री भी करा दी गई। इनमें 440 भूखंडों पर बड़े बंगले बन चुके हैं, जबकि 81 पर आंशिक निर्माण हुआ है। फिलहाल 742 भूखंड ऐसे बताए गए हैं जिन्हें बिल्डर बेच नहीं पाया।

एलडीए का कहना है कि बंधक जमीन की बिक्री या रजिस्ट्री नहीं हो सकती थी। ऐसे में अब इन 2747 भूखंडों की रजिस्ट्री निरस्त कराने का प्रस्ताव शासन के सामने है। यानी लखनऊ में प्लॉट खरीदने वालों के लिए एक तरफ हजारों नए विकल्प दस्तक दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुराने भूखंडों का विवाद यह चेतावनी भी दे रहा है कि जमीन खरीदने से पहले उसके रिकॉर्ड और बंधक स्थिति की जांच बेहद जरूरी है।






