
लखनऊ, 20 सितंबर 2026:
UP Assembly Elections 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने अपने चुनावी अभियान को और धार देने के संकेत दिए हैं। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में रविवार को हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हर विधानसभा सीट पर 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य तय किया। उन्होंने कहा कि पार्टी उन परिवारों तक पहुंचेगी जिनके साथ अन्याय और अत्याचार हुआ है। उन्हें सपा से जोड़कर सत्ताधारी दल के वोटों को अपने पक्ष में लाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में सपा की PDA की सातवीं ऑडिट रिपोर्ट भी जारी की गई। इस दौरान अखिलेश यादव ने आरक्षण और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। अखिलेश ने दावा किया कि 2017 से 2026 के बीच भाजपा सरकार के कार्यकाल में आंबेडकर की 151 से अधिक प्रतिमाएं तोड़ी गईं। उनके मुताबिक 14 मामलों में गिरफ्तारी हुई, 45 मामलों में अज्ञात के खिलाफ कार्रवाई दर्ज है, आठ में नामजद शिकायत हुई, जबकि 84 मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि बलिया में सबसे अधिक प्रतिमाएं तोड़े जाने के मामले सामने आए हैं। अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रतिमाओं को जानबूझकर निशाना बनाया जाता है। कहा कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब आंबेडकर की प्रतिमाओं पर हमला होता है तो सबसे पहले संविधान पकड़े हाथ को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने भाजपा पर आंबेडकर के सम्मान को लेकर भी सवाल उठाए।
आरक्षण के मुद्दे पर भी हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा की नीयत आरक्षण के पक्ष में नहीं है। उन्होंने लेटरल एंट्री और आउटसोर्सिंग को इसका उदाहरण बताया। उनका आरोप था कि PDA समाज के अधिकारियों को महत्वपूर्ण तैनाती नहीं दी जाती। चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों में भी उनकी पर्याप्त भागीदारी नहीं है।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की प्रेस वार्ता – 20/09/2026 https://t.co/O4o2LmbiZG
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) September 20, 2026
किसानों के मुद्दे पर सपा अध्यक्ष ने लाभकारी मूल्य, गन्ने का 24 घंटे में भुगतान और एथनॉल-चीनी के मुनाफे में किसानों की हिस्सेदारी देने की बात कही। उन्होंने तिल, सोयाबीन और सरसों का तेल बनाने के लिए कारखाने लगाने का भी दावा किया।
अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर वह पहले किए गए 40 हजार रुपये के वादे को बढ़ाकर दो लाख रुपये करेगी और इसके लिए बैंकों से कर्ज लिया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर उनकी छवि खराब करने के लिए कंटेंट क्रिएटर्स को पैसे देने का आरोप भी लगाया।
बैठक में अखिलेश ने संकेत दिया कि नवरात्र के दौरान कई बड़े नेता सपा में शामिल हो सकते हैं। उसी समय उनकी औपचारिक सदस्यता होगी। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले सपा का PDA एजेंडा, संगठन विस्तार और बूथ स्तर पर वोट बढ़ाने की रणनीति आने वाले महीनों में उसके अभियान के प्रमुख हिस्से रहने वाले हैं। पार्टी पहले ही PDA को केंद्र में रखकर राज्यव्यापी अभियान की तैयारी कर रही है।







चुनाव में रणनीति काम आए तब न
चुनाव में रणनीति काम आए तब