
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 20 सितंबर 2026:
यूपी के लखनऊ की सई नदी में बांक नाले के जरिए गंदा पानी गिरने के विरोध में रविवार को भंवरेश्वर महादेव मंदिर के पास बने पुल पर ग्रामीणों और गौ रक्षक दल ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। गौ रक्षक दल के नेता अंशुमान सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लोग सई नदी के पुल पर बैठ गए। इससे मौरावां-उन्नाव मार्ग पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पीजीआई समेत अस्पतालों के पानी पर सवाल
पुल पर डेरा डाले बैठे प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि पीजीआई समेत बड़े अस्पतालों के इलाके से निकलने वाला गंदा पानी बांक नाले के रास्ते मोहनलालगंज होते हुए मकरहा कुंड पहुंचता है। यहां से यह पानी सीधे सई नदी में गिर रहा है। उनका कहना है कि इससे नदी का पानी लगातार प्रदूषित हो रहा है।

धार्मिक स्थल पर नदी में स्नान और विसर्जन
भंवरेश्वर क्षेत्र में सई नदी का धार्मिक महत्व है। यहां रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर पूजा करते हैं। गणपति विसर्जन के दौरान भी लोग इसी नदी तक पहुंचते हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नदी में गंदा पानी गिरने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है।
पुलिस से बहस, विसर्जन वाहनों के साथ श्रद्धालुओं की परेशानी देख सड़क से हटे
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बछरावां और रायबरेली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर रास्ता खुलवाने की कोशिश की, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान गणपति विसर्जन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के वाहन भी जाम में फंस गए। पुलिस के अनुरोध पर प्रदर्शनकारी सड़क से हटकर किनारे बैठ गए। इसके बाद मौरावां-उन्नाव मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका।

नाले के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
धरने में शामिल हरिओम चतुर्वेदी ने कहा कि प्रशासन को बांक नाले का पानी सई नदी में जाने से रोकना चाहिए। उन्होंने नाले के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। गौ रक्षक दल नेता अंशुमान सिंह ने कहा कि सई नदी में गंदा पानी गिरने के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो मुख्यमंत्री कार्यालय पर डेरा डालकर प्रदर्शन किया जाएगा।






