
लखनऊ, 26 सितंबर 2026:
भारत को ‘दुनिया की फार्मेसी’ के रूप में और मजबूत बनाने के संकल्प के साथ यूपी की राजधानी लखनऊ में फार्मेसी के विद्यार्थियों, युवा शोधकर्ताओं और उद्योग जगत का बड़ा जमावड़ा हुआ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) अवध प्रांत के दो दिवसीय फार्माविजन के राष्ट्रीय अधिवेशन का शनिवार को आगाज हुआ। अधिवेशन में देश के विभिन्न प्रांतों से 779 प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें 465 छात्र और 311 छात्राएं हैं। नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडल ने भी आयोजन में सहभागिता की जिससे अधिवेशन को अंतरराष्ट्रीय आयाम मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि फार्मेसी के क्षेत्र में भारत लगातार नए शोध और नवाचार के जरिए वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता मजबूत कर रहा है। भारत ग्लोबल मार्केट में सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं और टीकों का बड़ा प्रदाता है। उन्होंने कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में अभिवादन का माध्यम ‘नमस्ते’ है। महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने भी नमस्ते के महत्व को अपनाया।
उन्होंने कहा कि शोध, नवाचार, नई तकनीक और गुणवत्तापूर्ण औषधि निर्माण के माध्यम से भारत अपने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के साथ वैश्विक स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पूर्ति में भी अहम योगदान दे सकता है। फार्माविजन के मंच से उन्होंने फार्मेसी के विद्यार्थियों और युवाओं से अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एबीवीपी लगातार छात्रों के हित और अधिकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाता रहा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विद्यार्थी जीवन में एबीवीपी से जुड़े रहने का भी उल्लेख किया।
अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि भारत को वैश्विक फार्मेसी क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करना है। उन्होंने ‘दुनिया की फार्मेसी’ की पहचान को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि फार्मेसी क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य और मानव कल्याण में योगदान का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि भारत की फार्मेसी, अनुसंधान, नवाचार और औषधि निर्माण की क्षमता का इस्तेमाल विश्व कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक फार्मेसी क्षेत्र भारत की आत्मनिर्भरता, वैश्विक नेतृत्व और मानवता की सेवा के संकल्प को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विशिष्ट अतिथि आर्ब्रो ग्रुप के सौरभ अरोरा ने कहा कि भारतीय फार्मा सेक्टर वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में इसके विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि फार्माविजन जैसे मंच विद्यार्थियों, युवा शोधकर्ताओं और उद्योग जगत को एक साथ लाकर फार्मा क्षेत्र के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम में फार्माविजन के राष्ट्रीय प्रमुख ईश्वर प्रसाद, राष्ट्रीय संयोजक अपूर्व नन्दी और राष्ट्रीय सह संयोजिका श्रेया वशिष्ठ समेत एबीवीपी के पूर्वी यूपी क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, अवध प्रांत संगठन मंत्री अभिलाष मिश्रा, अवध प्रांत फार्माविजन प्रमुख प्रो. आकाश वेद, प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा, प्रियांशु पाठक आदि मौजूद रहे।






