
लखनऊ, 27 सितंबर 2026:
यूपी की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के मुखिया डॉ. संजय कुमार निषाद ने भारत निर्वाचन आयोग और EVM के मुद्दे पर रविवार को सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में जीत मिलने पर विपक्षी दल अपनी पीठ थपथपाते हैं लेकिन हार के बाद EVM और चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करने लगते हैं। उनके मुताबिक जनता से लगातार मिल रही हार के बाद सपा और कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉ. निषाद ने कहा कि सपा पूरी तरह हताश है। विपक्ष अपनी चुनावी स्थिति को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देने वाले दल ही संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के लोकतांत्रिक रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाया और कहा कि आज वही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के लिए प्रयासरत है।
‘जिस EVM से सत्ता मिली, वही अब ब्लैक बॉक्स?’
कैबिनेट मंत्री ने EVM को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस वोटिंग मशीन के जरिए कांग्रेस केंद्र और विभिन्न राज्यों में सत्ता तक पहुंची, आज उसी को ‘ब्लैक बॉक्स’ बताकर चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी यह नहीं भूलना चाहिए कि इसी चुनावी व्यवस्था के जरिए वह सांसद और मुख्यमंत्री बने।
SIR पर भी विपक्ष को घेरा
डॉ. निषाद ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर भी विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि SIR कोई पहली बार होने वाली प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कई बार ऐसी कवायद होने का दावा किया। निर्वाचन संबंधी आधिकारिक सामग्री में भी विभिन्न अवधियों में गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण का उल्लेख मिलता है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं, उनके लिए नाम जुड़वाने की व्यवस्था मौजूद है। निर्वाचन आयोग के मौजूदा पोर्टल पर भी नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए Form-6 की सुविधा उपलब्ध है।
डॉ. निषाद ने कहा कि विपक्ष को SIR को लेकर हाय-तौबा करने के बजाय मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जनता NDA पर भरोसा जता रही है। विपक्ष अपनी स्थिति छिपाने के लिए चुनाव आयोग को निशाना बना रहा है।






