
लखनऊ, 27 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के दो दिवसीय फार्माविजन के राष्ट्रीय अधिवेशन का रविवार को समापन हो गया। अधिवेशन के दूसरे दिन फार्मेसी विद्यार्थियों ने पढ़ाई और किताबों से आगे निकलकर शोध, नवाचार, उद्यमिता और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े अपने विचारों और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समापन दिवस पर मॉडल प्रेजेंटेशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन, फार्माप्रेन्योर, फार्मासिस्ट काउंसलर, यूथ पार्लियामेंट और फार्माथॉन समेत कई शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों ने फार्मेसी क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं पर अपने मॉडल, शोधपरक विचार और नवाचार प्रस्तुत किए।
अधिवेशन में आयोजित जोन-वाइज बैठक में फार्माविजन के आगामी कार्यक्रमों और देशभर में संगठन की गतिविधियों के विस्तार की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। समापन अवसर पर आयोजित वैलिडिक्टरी सेशन में भाजपा एमएलसी पवन सिंह चौहान ने फार्माविजन जैसे मंचों को विद्यार्थियों में फार्मेसी क्षेत्र के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी विकसित करने में उपयोगी बताया।
अभाविप के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देबदत्त जोशी ने युवाओं से व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्र के विकास में भी अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फार्मेसी को केवल दवा निर्माण और वितरण तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। इस क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, स्वास्थ्य सेवा और जनजागरूकता के व्यापक अवसर मौजूद हैं।

अधिवेशन में देश के विभिन्न प्रांतों से 779 फार्मेसी विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें 465 छात्र और 311 छात्राएं शामिल रहीं। नेपाल के प्रतिनिधिमंडल ने भी अधिवेशन में भाग लिया।
दो दिन तक चले इस आयोजन में विद्यार्थियों को ज्ञान और संवाद के साथ शोध, नवाचार, कौशल विकास, उद्यमिता और सेवा से जोड़ने पर जोर रहा। फार्मेसी क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा के बीच विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।






