
लखनऊ, 22 अगस्त 2026:
यूपी में अब पर्यटन का मतलब ऐतिहासिक इमारतों और धार्मिक स्थलों की सैर के साथ बाइक की रफ्तार, जंगलों की हरियाली, झरनों की फुहार और विरासत को करीब से महसूस करने का रोमांच भी होगा। इसी दिशा में सारनाथ, चुनारगढ़ और देवदरी-राजदरी जलप्रपात को जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन ने युवाओं और बाइकिंग के शौकीनों के लिए एक खास वीकेंड एडवेंचर ट्रेल तैयार किया है।
शनिवार को ‘द राइडिंग चैप्टर्स’ के दूसरे संस्करण के तहत 80 बाइकर्स दो दिवसीय यात्रा पर लखनऊ से रवाना हुए। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने 1090 चौराहे से बाइक यात्रा को हरी झंडी दिखाई। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत आयोजित यह राइड प्रदेश के उन अल्पज्ञात स्थलों को नई पहचान देने की कोशिश है जो अब तक मुख्यधारा के पर्यटन सर्किट से दूर रहे हैं।
बाइक पर इतिहास की ओर, फिर प्रकृति के बीच रोमांच
लखनऊ से निकलने के बाद बाइकर्स का दल सुल्तानपुर और जौनपुर होते हुए बौद्ध विरासत के केंद्र सारनाथ पहुंचेगा। इसके बाद यात्रा चुनार की ओर बढ़ेगी। गंगा किनारे स्थित चुनारगढ़ इस राइड का अहम आकर्षण है। शेरशाह सूरी से लेकर मुगल और ब्रिटिश काल तक का इतिहास समेटे यह किला अपनी विशाल पत्थर की दीवारों, सामरिक महत्व और गंगा तट पर बसे भव्य स्वरूप के लिए जाना जाता है। यानी इस राइड में बाइकर्स के लिए सड़क का रोमांच तो होगा ही साथ में पूर्वी उत्तर प्रदेश के इतिहास और संस्कृति को करीब से देखने का मौका भी मिलेगा।

दूसरे दिन झरनों के बीच एडवेंचर का डोज
रात्रि विश्राम के बाद रविवार को बाइकर्स काशी आनंदम से अगले पड़ाव के लिए रवाना होंगे। यहां से दल शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगा जहां दर्शन और गंगा आरती के बाद यात्रा का रुख देवदरी और राजदरी जलप्रपात की ओर होगा। मानसून में घने जंगलों और हरियाली के बीच स्थित ये दोनों जलप्रपात अपने पूरे उफान पर रहते हैं। ऐसे में यात्रा का दूसरा दिन बाइकिंग के रोमांच के साथ प्रकृति के बीच एडवेंचर का खास अनुभव देने वाला होगा।
अल्पज्ञात स्थलों को मिलेगी नई पहचान
यूपीएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित यात्रा के माहौल से प्रदेश के नए और अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो रही है। ‘विजिट माय स्टेट उत्तर प्रदेश’ के जरिए युवाओं को रोमांच और प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से ऐसे स्थलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
‘द राइडिंग चैप्टर्स’ का पहला संस्करण इसी माह लखनऊ से कालिंजर किले तक आयोजित किया गया था। उसकी सफलता के बाद दूसरे संस्करण में पूर्वी उत्तर प्रदेश के इतिहास, आस्था, प्रकृति और रोमांच को एक ही राइडिंग रूट पर पिरोया गया है। पर्यटन विभाग की यह पहल आने वाले समय में इन स्थलों को प्रदेश के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म मैप पर स्थापित करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।






