
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 29 सितंबर 2026ः
NEET UG के जरिए एमबीबीएस दाखिले में दस्तावेजों की कथित हेराफेरी के मामले में देहरादून से लेकर चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय तक कार्रवाई तेज हो गई है। एक ओर देहरादून एसआईटी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के आरोप में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दूसरी ओर एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने उत्तराखंड राज्य केंद्रीय काउंसलिंग के पहले और दूसरे चरण में आवंटित 15 सीटें निरस्त कर दी हैं।
पुलिस की सोमवार को कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। दोनों आरोपियों की पहचान संजय कुमार और गिरीश सिंह के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने तीन अभ्यर्थियों के कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने और उन्हें मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने में सहयोग किया था। पुलिस के मुताबिक संजय कुमार और गिरीश सिंह ने अभ्यर्थियों स्वाति, परी और खुशी के लिए कथित तौर पर आधार कार्ड, डोमिसाइल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र तैयार कराने में मदद की।
पुलिस का आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के एवज में दोनों ने अनुचित धनराशि हासिल की। विदित हो कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसआईटी का गठन किया था। जांच के दौरान एसआईटी ने संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। पुलिस के अनुसार कुछ अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए। संबंधित शिक्षण संस्थानों से रिकॉर्ड हासिल करने के बाद जांच आगे बढ़ाई गई और दो नए आरोपियों तक पुलिस पहुंची।
उधर, एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने उत्तराखंड राज्य केंद्रीय काउंसलिंग के पहले और दूसरे चरण में अनंतिम रूप से आवंटित 15 सीटों को रद्द करने का आदेश जारी किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से भरी गई पसंद और वरीयता व उनके अधिवास, श्रेणी और उप-श्रेणी से संबंधित दावों के आधार पर अनंतिम सीट आवंटन किया गया था। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया।

प्रवेश पाने वाले और फ्लोट (FLOAT) विकल्प चुनने वाले अभ्यर्थियों के अधिवास, श्रेणी और उप-श्रेणी प्रमाणपत्रों का सत्यापन संबंधित संस्थानों के प्रधानाचार्यों और संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से कराया गया। जिलों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्टों के आधार पर विश्वविद्यालय ने 15 अनंतिम सीटों को निरस्त कर दिया। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सूची में शामिल अभ्यर्थी अब उन्हें अनंतिम रूप से आवंटित सीट पर अपना दावा नहीं कर सकेंगे।
इस मामले में एसआईटी पहले ही रुपेश पंडित, अरविंद कुमार और धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर चुकी है। अब संजय कुमार और गिरीश सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और कथित दस्तावेजी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।






