
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 30 सितंबर 2026:
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने झाझरा स्थित आईटीआई दून संस्कृति स्कूल में उत्तराखंड के पहले राज्य स्तरीय मैपिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की प्रतिभा और क्षमता को कम नहीं करती। दिव्यांगजन शरीर से कमजोर हो सकते हैं, लेकिन उनके हौसले और जज्बे में कोई कमी नहीं होती।
उत्तराखंड राज्य दिव्यांग बाल अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद किया और विद्यालय में दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि देश के पैरा-एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने समावेशी शिक्षा के लिए संस्थान की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। विद्यालय में पूर्वोत्तर राज्यों के करीब 150 विद्यार्थी और 67 दिव्यांग विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
अठावले ने कहा कि देश में 2.68 करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं। केंद्र सरकार शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक समावेशन के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों से जुड़ी विभिन्न पहलों के लिए करीब 950 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचाने के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सुगम बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और आवश्यक सहायता प्रणालियों को भी मजबूत करना होगा।
मंत्री ने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने संस्थान को और मजबूत करने के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय से अनुदान दिलाने में सहयोग का भी भरोसा दिया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद तरुण विजय और कैबिनेट मंत्री खजान दास सहित कई लोग मौजूद रहे।






