राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 8 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने पुराने व आउटडेटेड वाहनों के पुनः उपयोग की कवायद शुरू कर दी है। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों और ऑटो मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक कर इस संबंध में प्रस्तावों पर चर्चा की। साथ ही परिवहन निगम की पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करने पर विशेष जोर दिया गया।
परिवहन मंत्री ने कहा कि आउटडेटेड बसों को इलेक्ट्रिफिकेशन और रेट्रोफिट तकनीक के माध्यम से दोबारा उपयोग के योग्य बनाया जा सकता है। इससे पुराने वाहनों का बेहतर इस्तेमाल होने के साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में भी मदद मिलेगी। सन मोबिलिटी कंपनी ने पुरानी बसों को इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित करने को लेकर प्रजेंटेशन दिया। मंत्री ने कहा कि यह पहल प्रदेश में इलेक्ट्रिक परिवहन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। पुराने वाहनों को आधुनिक तकनीक से अपग्रेड करने से नए वाहनों की खरीद पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सकता है।
मेगा निर्माणन इंडस्ट्रीज की ओर से प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। मंत्री ने कंपनी के प्रतिनिधियों को कार्ययोजना तैयार कर विभागीय अधिकारियों को देने को कहा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए पर्याप्त चार्जिंग ढांचा तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदीप बत्रा ने जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़ी आधुनिक व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि लाइव लोकेशन, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और अन्य डिजिटल सुविधाओं को अपनाकर यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सकती है। बैठक में राज्य स्तरीय परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय अरोड़ा, परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी, अपर आयुक्त एसके सिंह समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।






