
लखनऊ, 1 अक्टूबर 2026:
यूपी में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने पुलिस के 87 अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वीर पुलिसकर्मियों को पदक प्रदान किए और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश की पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में दुर्दांत माफिया का बोलबाला था और समानांतर सरकारें चलती थीं। उनके मुताबिक माफिया के आगे सरकार को नाक रगड़नी पड़ती थी। घुटने टेकने पड़ते थे। पुलिस भी मजबूर थी। योगी ने कहा कि यदि राजनीतिक नेतृत्व की रीढ़ ही टेढ़ी हो तो कानून-व्यवस्था को सीधा करना मुश्किल है।
‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ पर जोर
योगी ने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही स्वस्थ चिंतन और समाज की समृद्धि संभव है। यूपी पुलिस की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ इसी सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न हो, अराजकता के माहौल में वह भी सुरक्षित नहीं रह सकता।

सीएम ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के पुलिस सुधारों के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विचार तभी सार्थक होते हैंत्रजब वे व्यवहार में उतरें। प्रकाश सिंह ने अपने सेवाकाल में पुलिसिंग की व्यावहारिक चुनौतियों का सामना किया और अपने अनुभवों व विचारों को ‘संघर्ष’ के माध्यम से सामने रखा है। प्रकाश सिंह ने पुस्तक को आत्मकथा के बजाय सेवाकाल के अनुभवों और उनसे मिलने वाली सीख को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बताया।
शहीद सुनील सिंह की वीरता को नमन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसटीएफ के जांबाज इंस्पेक्टर स्वर्गीय सुनील कुमार सिंह की वीरता को नमन किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है। यह यूपी पुलिस के लिए पहला ऐसा गौरव है। मुख्यमंत्री ने उनकी धर्मपत्नी और परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 16 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार तथा 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी वीर पुलिसकर्मियों को बधाई दी।
सड़क पर नियम तोड़ने वालों पर तकनीकी नजर
सड़क सुरक्षा को बड़ी चुनौती बताते हुए योगी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है। इसे तकनीक और प्रभावी प्रवर्तन के जरिए नियंत्रित करने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहन पुलिस बल को सौंपे गए हैं। इनमें 25 चारपहिया और 62 दोपहिया वाहन शामिल हैं।

इन वाहनों के जरिए तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाने, रैश ड्राइविंग, काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी और कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद सहित पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजन मौजूद रहे।






