Lucknow City

बापू का लखनऊ से खास रिश्ता : स्वतंत्रता संग्राम के लिए महिलाओं में भरा था जोश, इस स्कूल की रखी थी नींव

1919 से लेकर 1929 तक कई बार नवाबों की नगरी आए, फरंगी महली के घर को बनाया था रुकने का ठिकाना, हुसैनगंज के चुटकी भंडार स्कूल की स्थापना में रहा अहम रोल, 1936 में गोखले मार्ग पर रोपित किया था एक पौधा

लखनऊ, 2 अक्टूबर 2026ः

आज गांधी जयंती देश भर में धूमधाम से मनाई जा रही है। गांधी जी की याद में विविध आयोजन हो रहे हैं। बीजेपी से लेकर अन्य सभी पार्टियां बापू की याद में कार्यक्रमों का आयोजन कर रही हैं। गांधी जी का नवाबों के शहर लखनऊ से भी खास रिश्ता था। आजादी की लड़ाई में लखनऊ का अहम योगदान होने के कारण स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में जोश भरने के लिए बापू 1919 से लेकर 1929 तक कई बार लखनऊ आए थे। यहीं नहीं गांधी जी ने यहां एक स्कूल की नींव भी रखी थी। इसके अलावा सार्वजनिक सभा को भी संबोधित किया था।

इतिहासकारों के अनुसार गांधी जी सबसे पहले लखनऊ दिसंबर 1916 के अधिवेशन में आए थे। इसके बाद 17 अक्टूबर 1925 को अपने तीन घंटे के प्रवास पर लखनऊ पहुंचे गांधी जी ने नगर पालिका (अब नगर निगम) का अभिनंदन पत्र स्वीकार किया था। इसके बाद त्रिलोकनाथ हाल में सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। उस समय बापू के साथ मोतीलाल नेहरू व पंडित जवाहर लाल नेहरू भी थे। सभा के दौरान उन्होंने कहा था लखनवी उर्दू या संस्कृत निष्ट हिंदी नहीं हो सकती है, हिंदुस्तानी हो सकती है।

इतिहासकार बताते हैं कि बापू का लखनऊ से जुड़ाव 1921 में शुरू हुआ। मोहम्मद अली जौहर ने लखनऊ में मौलाना अब्दुल बारी फरंगी महली को एक टेलीग्राम लिखकर यह बताया कि गांधी जी लखनऊ आ रहे हैं। इसके बाद बापू जब लखनऊ पहुंचे तो उन्होंने अब्दुल बारी फरंगी महली के घर को अपने रुकने का ठिकाना बनाया। इसके बाद वे जब भी यहां आते तो फरंगी महल में ही रुकते थे।

ये भी पढ़ें:

हुसैनगंज स्थित चुटकी भंडार स्कूल की नींव भी बापू ने ही रखी थी। स्कूल निर्माण के लिए वर्ष 1921 में गांधीजी के आह्वान पर तिलक स्वराज फंड के लिए चंदा एकत्र करने की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई थी। ये महिलाएं खाना बनाने के समय चंदे वाली हांडी में चुटकी भर आटा रोज एकत्र करती थीं। इसी आटे को बेचकर 64 रुपये चार आना जमा किया था। इस पैसे से आठ अगस्त 1921 को नागपंचमी के दिन चुटकी भंडार स्कूल की नींव रखी गई थी।

वर्ष 1926 में गांधी जी ने स्वतंत्रता सेनानियों के साथ बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई थी। इस दौरान जवाहर लाल नेहरू, पंडित मदन मोहन मालवीय व सरोजनी नायडू भी मौजूद थीं। यही नहीं मार्च 1936 में बापू ने गोखले मार्ग पर एक पौधा भी रोपित किया था, जो आज विशाल वृक्ष बन गया है। 28 सितंबर 1929 को गांधीजी ने चिनहट में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आधारशिला रखी थी। इससे पहले भी वह 1920 में चिनहट आए थे और एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय की आधारशिला रखी थी। वर्ष 1920 में गांधी जी ने अमीनाबाद जनाना पार्क में लखनऊ की महिलाओं को संबोधित किया था और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में आगे बढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया था।

ये भी पढ़ें  अटल जयंती पर PM मोदी करेंगे राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण, कल आ जाएंगे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह

Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link