
हरदोई, 2 अक्टूबर 2026:
यूपी के हरदोई जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती को लेकर सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली की कथित जातिसूचक टिप्पणी का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। कोतवाली शहर पुलिस ने अनुसूचित जाति से जुड़ी धाराओं, IT Act समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक शिकायत में शराफत अली के साथ उनके सहयोगियों का भी जिक्र किया गया है।
वायरल वीडियो से शुरू हुआ विवाद
मामला गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित PDA जन चौपाल से जुड़ा है। कार्यक्रम में शराफत अली के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। आरोप है कि उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती की जाति और आरक्षण व्यवस्था को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे जातिसूचक और अपमानजनक माना गया। वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया।
रवि वाल्मीकि की तहरीर पर केस, प्रेमावती ने जताई थी कड़ी आपत्ति
संडीला निवासी भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला संयोजक रवि वाल्मीकि की तहरीर पर कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शराफत अली को नामजद किया है। FIR में उनके सहयोगियों का भी जिक्र है। विवादित टिप्पणी सामने आने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने इसे अपने साथ-साथ दलित समाज और महिला सम्मान से जोड़कर विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें अपनी धोबी जाति पर गर्व है। उनका कहना था कि इस तरह की टिप्पणी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है।

शराफत अली ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद शराफत अली ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया। उनका कहना था कि वह आरक्षण व्यवस्था की भूमिका और उसके राजनीतिक संदर्भ की बात कर रहे थे। उन्होंने किसी का अपमान करने का मकसद होने से इनकार किया था।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूंका था पुतला
मामले को लेकर गुरुवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने हरदोई में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शराफत अली का पुतला फूंका और उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में महिलाओं की भी भागीदारी रही। यह विरोध उस समय हुआ, जब वायरल वीडियो को लेकर पुलिस कार्रवाई की मांग तेज हो रही थी।

सहयोगी दल के नाम पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
FIR में शराफत अली के साथ सहयोगी दल का उल्लेख होने को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे ने पुलिस से स्थिति साफ करने की मांग की है। उनका कहना है कि FIR में यदि किसी सहयोगी दल को आरोपी बनाया गया है तो उसका नाम स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने नाम साफ नहीं होने पर पुलिस के घेराव की चेतावनी दी है।
पुलिस ने शुरू की आगे की कार्रवाई
सीओ सिटी अजीत चौहान के मुताबिक कोतवाली शहर में शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस वायरल वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।






