
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 3 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। लगातार तीसरी बार सरकार बनाने और 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य दोहराया। शनिवार को प्रदेश मोर्चा एवं प्रकोष्ठों की संयुक्त बैठक में केंद्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं को अगले चार से छह महीने पूरी तरह चुनावी रणनीति के तहत जुटने का संदेश दिया।
बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी राम माधव ने कहा कि भाजपा अपनी सरकारों के सुशासन और विकास कार्यों को आधार बनाकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उपलब्धियों के आधार पर सीधे मतदाताओं से संवाद स्थापित करने का आह्वान किया। राम माधव ने कहा कि उत्तराखंड में संगठन मजबूत स्थिति में है और अब कार्यप्रणाली को चुनावी मोड में बदलकर लक्षित परिणाम हासिल करने होंगे।
धामी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ने जन-जन तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं के समाधान पर काम किया है। उन्होंने ‘जन-जन की सरकार’ अभियान के तहत अब तक 6.5 लाख लोगों की भागीदारी का दावा किया और कहा कि अभियान का तीसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा। धामी ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए खनन राजस्व, सड़क निर्माण, अतिक्रमण हटाने, प्रति व्यक्ति आय, बजट, होटल और होम स्टे क्षेत्र में वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है और खनन राजस्व एक वर्ष में 800 करोड़ रुपये से बढ़कर 1200 करोड़ रुपये से अधिक हुआ है।मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। साथ ही राहुल गांधी की राजनीतिक टिप्पणियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर उनके कथित बयानों की भी आलोचना की।
मोर्चा-प्रकोष्ठ चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा
प्रदेश प्रभारी बांसुरी स्वराज ने मोर्चों और प्रकोष्ठों को पार्टी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बताते हुए उनके प्रचार और सामाजिक पहुंच को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मोर्चे पार्टी की फ्रंटल इकाइयों के तौर पर राजनीतिक गतिविधियों में अग्रिम भूमिका निभाते हैं, जबकि प्रकोष्ठ अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की रणनीति को आगे बढ़ाने का काम करते हैं। सह प्रभारी अरविंद मेनन ने कार्यकर्ताओं को ‘संपर्क, संवाद, समन्वय और सहयोग’ के मूल मंत्र के साथ चुनाव में जुटने का आह्वान किया।

तीसरी बार सत्ता में लौटने का भरोसा
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने मोर्चों और प्रकोष्ठों से सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों को संबंधित सामाजिक वर्गों तक पहुंचाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की सक्रियता केवल मंचों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से लोगों तक पहुंचे, इसकी भी निगरानी की जाए। प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने मोर्चों एवं प्रकोष्ठों को बूथ और शक्ति केंद्र स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। सभी सात मोर्चों के अध्यक्षों ने अपने कार्यक्रमों और अभियानों की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि 22 प्रकोष्ठों की संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट भी बैठक में रखी गई।






