शिक्षकों को CM Yogi की नसीहत- बिखरा नहीं, एक भारत-श्रेष्ठ भारत चाहिए, बोले- विभाजनकारी ताकतों को न होने दें सफल
Lucknow में शिक्षक गरिमा कार्यशाला में बोले मुख्यमंत्री- शिक्षा का लक्ष्य सिर्फ रोजगार नहीं, संस्कारवान नागरिक बनाना भी, परिवार और समाज की एकजुटता पर दिया जोर

लखनऊ, 4 अक्टूबर 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शिक्षकों से नई पीढ़ी में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का आह्वान किया। लखनऊ के आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रेक्षागृह में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का ही काम नहीं करते अपितु वे नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण के भी प्रमुख वाहक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार हासिल करना नहीं है। शिक्षा के जरिए ऐसे नागरिक तैयार होने चाहिए, जो अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार हों। उन्होंने शिक्षकों को समाज को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि जब राष्ट्र के सामने किसी तरह का संकट हो तो शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
‘जाति व क्षेत्र के नाम पर समाज को विभाजित करने की हो रहीं कोशिशें’
सीएम योगी ने कहा कि आज यह तय करना होगा कि हम आने वाली पीढ़ी के लिए कैसा भारत छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या हम बिखरा हुआ, बंटा हुआ और जातीय खेमों में आपस में लड़ता भारत चाहते हैं? उन्होंने कहा कि भारत को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलामी के दौर में भी समाज को बांटने वाले तत्व सक्रिय थे और आज भी जाति व क्षेत्र के नाम पर समाज को विभाजित करने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी विभाजनकारी ताकतों को सफल नहीं होने देना शिक्षकों की भी जिम्मेदारी है। सीएम ने इसे राष्ट्रमाता, भारत माता और पूर्वजों के प्रति दायित्व से जोड़ते हुए कहा कि देश की एकता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए समाज को जागरूक रहना होगा।

परिवारों में बढ़ती दूरी पर भी जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने बदलते सामाजिक परिवेश और परिवारों में आ रहे बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले संसाधनों की कमी थी, लेकिन परिवार समाज की सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था। संयुक्त परिवार में संकट आने पर सभी लोग मिलकर उसका सामना करते थे। आज परिवार सीमित होते जा रहे हैं। एक ही छत के नीचे रहने के बावजूद लोगों की दिशाएं अलग होती जा रही हैं।
गायत्री परिवार ने पिछले 100 वर्षों में यज्ञ की वेदी के माध्यम से समाज की चेतना को जागृत करने में एक बड़ी भूमिका का निर्वहन किया है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आज लखनऊ में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला में सम्मिलित हुआ।
कार्यशाला के प्रति मंगलमय शुभकामनाएं। https://t.co/5ERV4nUZXh
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 4, 2026
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में बिखरते समाज और टूटते परिवारों को बचाने के लिए अलग मंत्रालय तक गठित करने की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में भारत में परिवार और सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है।
कार्यशाला में शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। गायत्री परिवार के युवा प्रमुख चिन्मय पंड्या ने लोटा और माला भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान सीएम योगी ने 10 स्कूलों को सम्मानित भी किया।






