UP Police: सिपाही भर्ती की दौड़ बनी जानलेवा, दो दिन में दो अभ्यर्थियों की मौत, 12 पहुंचे अस्पताल
गाजियाबाद में शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान बिगड़ी अभ्यर्थियों की तबीयत, किसी को सांस लेने में दिक्कत तो किसी ने सीने में दर्द की शिकायत की, मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम से होगी साफ

न्यूज डेस्क, 7 अक्टूबर 2026:
यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती के लिए हो रही शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान गाजियाबाद में लगातार दूसरे दिन एक और अभ्यर्थी की मौत से हड़कंप मच गया। गोविंदपुरम स्थित पीएसी की 47वीं बटालियन के मैदान में दौड़ के दौरान दो दिनों में दो अभ्यर्थियों की जान चली गई। मृतकों में मथुरा के अतुल कुमार (26) और शामली के विवेक कुमार (23) शामिल हैं। वहीं, मंगलवार को दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर 12 अभ्यर्थियों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें तीन के पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
पुलिस के मुताबिक मथुरा के गांव कारब निवासी अतुल कुमार पुत्र सतीश चंद्र 5 अक्टूबर को सिपाही भर्ती की दौड़ में शामिल हुआ था। दौड़ के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

वहीं, मंगलवार को शामली के गांव पुरमाफी निवासी विवेक कुमार पुत्र बालेंद्र सिंह की भी दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उसे संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। दोनों मौतों की सटीक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सांस फूलने से लेकर सीने में दर्द तक की शिकायत
शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के बीमार पड़ने का सिलसिला भी जारी रहा। मंगलवार को अस्पताल पहुंचे अभ्यर्थियों में कई ने सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द और कमजोरी की शिकायत की। मथुरा निवासी हेमेंद्र और बंटी को सांस संबंधी परेशानी के चलते भर्ती किया गया, जबकि भाविक और गौरव को भी सांस लेने में दिक्कत हुई।
सूरज को सीने में दर्द की शिकायत पर इमरजेंसी में उपचार दिया गया। मथुरा निवासी अंकित को सीने में दर्द होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया। सचिन को सांस लेने में परेशानी के कारण इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। शामली निवासी अंकुर के दाएं पैर में परेशानी थी, जबकि योगेश और गोविंदपुरम निवासी राहुल को अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते उपचार दिया गया।
इससे पहले सोमवार को भी तीन अभ्यर्थियों के पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई थी। उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर कुछ अभ्यर्थियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ का इलाज जारी रहा।






