Maharashtra

नागपुर में अब स्थिति पूरी तरह ठीक, कर्फ्यू हटाया गया : CM देवेन्द्र फडणवीस

नागपुर, 24 मार्च 2025

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि नागपुर में कर्फ्यू हटा लिया गया है और शहर में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है। मुख्यमंत्री पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ क्षेत्र में मीडिया से बात कर रहे थे, जहां उन्होंने गैर-लाभकारी संस्था पानी फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया था।

शहर से विधायक फडणवीस ने कहा, “नागपुर में स्थिति पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। कहीं भी कोई तनाव नहीं है। सभी धर्मों के लोग एक साथ शांतिपूर्वक रह रहे हैं। इसलिए कर्फ्यू हटा लिया गया है।” अधिकारियों ने दिन में बताया कि शहर में हिंसा के छह दिन बाद नागपुर के शेष चार क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा लिया गया है।

17 मार्च को हुई हिंसा के बाद कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामबाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था.

ये भी पढ़ें:

छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की मजार को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र शिलालेखों वाली एक चादर को जलाए जाने की अफवाह के बीच सोमवार रात मध्य नागपुर में भीड़ ने उत्पात मचाया।

Advertisement

20 मार्च को नंदनवन और कपिल नगर पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों से तथा 22 मार्च को पचपावली, शांति नगर, लकड़गंज, सक्करदरा और इमामबाड़ा से कर्फ्यू हटा लिया गया था।

नागपुर के पुलिस आयुक्त रविन्द्र सिंघल ने रविवार को दोपहर तीन बजे से शेष बचे कोतवाली, तहसील, गणेशपेठ और यशोधरा नगर पुलिस थाना क्षेत्रों से कर्फ्यू हटाने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिस की तैनाती के साथ संवेदनशील इलाकों में गश्त जारी रहेगी।

अधिकारियों के अनुसार, 17 मार्च को नागपुर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी की खबरें आईं, जब आधारहीन अफवाह फैलाई गई कि विहिप के विरोध प्रदर्शन के दौरान पवित्र शिलालेखों वाली एक चादर जला दी गई। हिंसा में पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

फडणवीस ने शनिवार को कहा था कि सरकार नागपुर हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई संपत्ति की कीमत दंगाइयों से वसूलेगी और ‘यदि आवश्यक हुआ तो’ बुलडोजर चलाएगी। उन्होंने कहा कि यदि हिंसा करने वाले लोग क्षतिपूर्ति करने में विफल रहे तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और नुकसान की भरपाई के लिए उसे बेच दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अशांति के दौरान पुलिस अधिकारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें  काशी जा रहे लखनऊ के श्रद्धालुओं की कार पेड़ से भिड़ी... महिला की मौत, छह घायल

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link