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मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा NIA जज के समक्ष पेश, हैंडराइटिंग और आवाज का लिया गया सैंपल

नई दिल्ली, 4 मई 2025

मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने शनिवार को आवाज और हस्तलेख के नमूने के लिए कोर्ट में पेश किया गया। मामले में अधिकारी ने बताया कि नए नमूनों का मिलान राणा की 26/11 के सह-आरोपी डेविड कोलमैन हेडली के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग से किया जाएगा। सूत्र के मुताबिक उसकी लिखावट के नमूने का मिलान राणा द्वारा एनआईए की हिरासत के दौरान उपलब्ध कराई गई डायरी में लिखे गए नोट्स से भी किए जाने की संभावना है।राणा, जिसे हाल ही में अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया था, पर संदेह है कि उसने हेडली को हस्तलिखित नोट, निर्देश, निर्देशांक और नक्शे दिए थे, जिनका उपयोग 26/11 के लक्ष्यों की टोह लेने के लिए किया गया था।

एनआईए राणा को मुंबई और अन्य शहरों में ले जाने की तैयारी कर रही है ताकि उस आतंकवादी हमले से पहले की घटनाओं की श्रृंखला का पता लगाया जा सके जिसमें 166 लोग मारे गए थे। पिछले सप्ताह 28 अप्रैल को विशेष एनआईए अदालत ने राणा की एनआईए हिरासत को 12 दिनों के लिए बढ़ा दिया था ताकि जांचकर्ता उससे पूछताछ कर सकें।

विशेष न्यायाधीश चरणजीत सिंह ने वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन की दलील स्वीकार कर ली कि जांच एजेंसी को 2008 के मुंबई हमले में राणा की भूमिका का पता लगाने के लिए और समय चाहिए। राणा की 18 दिन की रिमांड सोमवार को समाप्त हो गई और उसे एनआईए हिरासत बढ़ाने के लिए अदालत में पेश किया गया।

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अदालती कार्यवाही के दौरान, एनआईए ने विशेष न्यायाधीश को पूछताछ के दौरान राणा द्वारा अपनाई गई कथित टालमटोल तकनीक के बारे में जानकारी दी। एनआईए ने आतंकवादी हमले से पहले आरोपी की भारत यात्राओं के दौरान घटनाओं की श्रृंखला को फिर से जोड़ने के लिए राणा को विभिन्न अन्य शहरों में ले जाने की भी इच्छा व्यक्त की।

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अदालत ने इससे पहले एनआईए को निर्देश दिया था कि वह राणा का हर 24 घंटे में मेडिकल परीक्षण कराए और उसे हर दूसरे दिन अपने वकीलों से बात करने की अनुमति दे। 18 दिनों की रिमांड के दौरान राणा से मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने भी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान राणा ने दावा किया कि हमले की योजना बनाने या उसे अंजाम देने से उसका “कोई संबंध नहीं” है। उसने यह भी दावा किया कि उसका बचपन का दोस्त और सह-आरोपी डेविड कोलमैन हेडली 26/11 की टोह लेने और योजना बनाने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार था। हेडली फिलहाल अमेरिका की जेल में है।

मामले में सरकारी गवाह बन चुके हेडली ने पहले लश्कर-ए-तैयबा की ओर से मुंबई सहित पूरे भारत में टोही अभियान चलाने की बात स्वीकार की थी। पूछताछ के दौरान राणा ने बताया कि मुंबई और दिल्ली के अलावा वह केरल भी गया था। जब उससे केरल जाने का मकसद पूछा गया तो उसने दावा किया कि वह वहां अपने किसी परिचित से मिलने गया था और उसने एजेंसी को उस व्यक्ति का नाम और पता भी बताया था। पाकिस्तानी सेना के मेडिकल कोर के पूर्व अधिकारी राणा को मुंबई हमला मामले में न्याय का सामना करने के लिए हाल ही में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।

 

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