Uttar Pradesh

वन विभाग ने लक्कड़ शाह बाबा के उर्स पर लगाया प्रतिबंध, बैरियर पर रोके जायरीन

बहराइच, 31मई 2025:

यूपी के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र स्थित लक्कड़ शाह बाबा की दरगाह पर जेठ माह में आयोजित होने वाले उर्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वन विभाग ने प्रतिबंध के बाद दरगाह आने वाले रास्तों पर लगे विभाग के बैरियर पर ही जायरीनों को भी रोक दिया। फिलहाल यहां पुलिस व पीएसी का पहरा लगा है।

वन विभाग ने कहा…बाघ संरक्षित क्षेत्र में दरगाह होने से लगाई गई रोक

कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग क्षेत्र में मुर्तिहा रेंज के जंगल में बिछिया-मिहींपुरवा मुख्य मार्ग से 500 मीटर दूर जंगल में लक्कड़ शाह बाबा की दरगाह है।
यहां हर साल जेठ के महीने में मेला लगने की परंपरा लम्बे समय से चली आ रही है। इस बार सालाना उर्स पर वन विभाग द्वारा इस मेले पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। लक्कड़शाह बाबा की दरगाह वक्फ की संपत्ति नंबर 108 के रूप में दर्ज है। यहां कई वर्षों से मेला लगता आ रहा है। मेले से होनी वाली आय वन विभाग के अभिलेखों में दर्ज है। लेकिन इस वर्ष शुक्रवार को लगने वाले मेले व उर्स पर वन विभाग ने मजार का बाघ संरक्षित क्षेत्र में होना बताकर रोक लगा दी है। दरगाह से जुड़े मार्गों पर बिछिया, निशानगाड़ा और मोतीपुर वन बैरियर पर ही जायरीनों को रोक दिया गया। यहां वन विभाग, पुलिस व पीएसी की टीम तैनात हैं। बहराइच व आसपास के कई जिलों से आने वाले जायरीनों को वापस कर दिया गया।

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मसूद गाजी की दरगाह पर पहले से लगी है रोक भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष ने चादर चढ़ाई

बहराइच जिले में ही सालार मसूद गाजी की दरगाह स्थित है। यहां लगने वाले मेले पर 17 मई को ही रोक लगाई जा चुकी है। यहां शुक्रवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने चादर चढ़ाई और खुद को श्रीराम का वंशज भी बताया। इस दौरान भारी संख्या में दरगाह से जुड़े व अन्य लोग मौजूद रहे। सालार मसूद गाजी की दरगाह पर जमाल सिद्दीकी की जियारत चर्चा में बनी रही।

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