Barabanki City

सड़क सुरक्षा पर कार्यशाला…एआरटीओ ने छात्रों व वाहन चालकों को दिलाई नियम पालन की शपथ

सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई, वक्ता बोले जागरूकता से ही सड़क हादसों में आएगी कमी

संदीप पटेल

बाराबंकी, 6 जनवरी 2026:

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ-साथ वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति सजग रहने के प्रति जागरूक किया गया।

नन्दलाल प्रभुदेवी प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अंकिता शुक्ला, सम्भागीय निरीक्षक प्राविधिक बलवंत सिंह यादव और यातायात प्रभारी रामयतन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद मौजूद छात्रों और शिक्षकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई।

ये भी पढ़ें:

WhatsApp Image 2026-01-06 at 6.09.10 PM

एआरटीओ अंकिता शुक्ला ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार का नुकसान नहीं होतीं, बल्कि इससे पूरा समाज प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी एहतियात, अनुशासन और जागरूकता से कई जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, तय गति सीमा के पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने पर खास जोर दिया।

उन्होंने छात्रों और वाहन चालकों को सड़क पर अनुशासन बनाए रखने, गलत दिशा में वाहन न चलाने और सब्र के साथ नियमों का पालन करने का संकल्प भी दिलाया। सम्भागीय निरीक्षक प्राविधिक बलवंत सिंह यादव ने कहा कि युवा वर्ग समाज की सबसे मजबूत कड़ी है। यदि छात्र खुद नियमों का पालन करें और अपने परिवार, दोस्तों व आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। अंत में सभी उपस्थित लोगों को हमेशा सतर्क रहने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई।

कार्यशाला में यातायात प्रभारी रामयतन यादव, संस्थान के प्रबंधक सुशील कुमार, प्रदीप कुमार, प्रमोद कुमार, योगेश, शमशाद अली, शिवम, संजय, अंशुमान, सपना, अनामिका, नेहा सहित छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें  पत्नी से अनबन में बाहर सोता था पति... इलेक्ट्रिक कटर से गला रेतकर दी जान, सुसाइड नोट भी छोड़ा

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button