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KGMU यौन शोषण व धर्मांतरण मामला : अब STF सुलझाएगी लव जिहाद नेटवर्क की परतें!

सात सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति ने इस प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की, इस रिपोर्ट के आधार पर कुलपति ने सीएम से हस्तक्षेप की मांग की थी, एसटीएफ तलाशेगी कई सवालों के जवाब

लखनऊ, 13 जनवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की एक महिला रेजिडेंट से जुड़े यौन शोषण और कथित धर्मांतरण प्रकरण की जांच अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) करेगी। सोमवार शाम केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ जांच की मांग की थी। इसके तुरंत बाद शासन ने एसटीएफ को जांच सौंपने का आदेश जारी कर दिया।

इस मामले में मुख्य आरोपी केजीएमयू का रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक है। रमीज के साथ उसके पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। शुरुआती जांच में आरोपियों के तार पुराने धर्मांतरण गिरोहों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

पूर्व डीजीपी भावेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित सात सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। समिति ने स्पष्ट रूप से इस प्रकरण की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की है। इसी रिपोर्ट के आधार पर कुलपति ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी।

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अब तक इस प्रकरण में तीन स्तरों पर जांच चल रही थी। केजीएमयू की विशाखा समिति ने अपनी जांच में डॉ. रमीज मलिक को यौन शोषण का दोषी पाया था। दूसरी आंतरिक समिति धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और अन्य लोगों द्वारा आरोपी की मदद किए जाने के आरोपों की जांच कर रही थी। हालांकि इस समिति को सीधे तौर पर किसी की संलिप्तता के ठोस सबूत नहीं मिले।

पुलिस जांच और आंतरिक कमेटियों की तफ्तीश में यह सामने आया है कि आरोपी और उसके सहयोगियों के संबंध एक बड़े और संगठित धर्मांतरण नेटवर्क से हो सकते हैं। यह नेटवर्क कितना विस्तृत है। इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है? इन सभी सवालों के जवाब अब एसटीएफ तलाशेगी।

सूत्रों के अनुसार कुछ समय पहले केजीएमयू परिसर में हुई एक संदिग्ध तकरीर भी एसटीएफ की जांच के दायरे में आएगी। इसके अलावा डॉ. रमीज के करीबी रिश्तेदार और संपर्क में रहे लोग भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने पुष्टि की कि सात सदस्यीय समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली और एसटीएफ जांच की सिफारिश की है।

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