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चार ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी से यूपी को मिली नई औद्योगिक उड़ान, जानिए कैसे बना देश का भरोसेमंद निवेश केंद्र

उत्तर प्रदेश ने 2017 के बाद निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। मजबूत कानून व्यवस्था और ग्राउंड ब्रेकिंग मॉडल के चलते यूपी आज देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बन चुका है

लखनऊ, 22 जनवरी 2026:

यूपी देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे जमीन पर उतारने का मजबूत मॉडल तैयार किया। 2017 से पहले कमजोर कानून व्यवस्था, लंबित परियोजनाएं और निवेशकों की उदासीनता यूपी की पहचान बन चुकी थी। उद्योग लगाने में वर्षों लग जाते थे और युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते थे। सत्ता संभालते ही योगी सरकार ने कानून व्यवस्था, पारदर्शिता और समयबद्ध फैसलों को प्राथमिकता दी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, इन्वेस्ट यूपी और निवेश सारथी जैसे प्लेटफार्म ने निवेशकों का भरोसा लौटाया।

इन्वेस्टर्स समिट से ग्राउंड ब्रेकिंग तक

वर्ष 2018 की पहली इन्वेस्टर्स समिट से शुरू हुआ सफर 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तक पहुंचा, जहां 45 लाख करोड रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के जरिए 15 लाख करोड रुपये से ज्यादा निवेश वाली 16 हजार से अधिक परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है। इनमें से 8,300 से ज्यादा परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।

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उद्योगों में विविधता और रोजगार के नए अवसर

योगी सरकार की औद्योगिक नीति ने सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, लेदर, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी जैसे क्षेत्रों को तेजी से आगे बढ़ाया। पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, मेगा लेदर क्लस्टर, फूड पार्क और फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल से छोटे और मध्यम निवेशकों को भी अवसर मिले। आज देश के 65 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं और नोएडा व लखनऊ जैसे शहर टेक हब के रूप में उभर रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और गति शक्ति से विकास को रफ्तार

प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान के तहत एक्सप्रेसवे आधारित औद्योगिक क्लस्टर, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और नए निवेश क्षेत्र विकसित किए गए। डिफेंस कॉरिडोर, ब्रह्मोस इंटीग्रेशन यूनिट और डिफेंस उद्योगों ने यूपी को रक्षा उत्पादन का केंद्र बनाया। साथ ही डेटा सेंटर नीति और आईटी आईटीईएस सेक्टर के विस्तार से राज्य डिजिटल इकॉनमी की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

बुंदेलखंड से पूर्वांचल तक संतुलित विकास

योगी सरकार का विकास मॉडल केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं रहा। बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में भी औद्योगिक पार्क और निवेश परियोजनाएं शुरू हुईं। इससे पहली बार पूरे प्रदेश में संतुलित औद्योगिक विकास देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पिछली चुनौतियों को पीछे छोड़कर भविष्य की संभावनाओं की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।

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