योगेंद्र मलिक
पौड़ी गढ़वाल, 29 जनवरी 2026:
विकासखंड बीरोंखाल की ग्राम पंचायत नौगांव ने सोलर ऊर्जा के सहारे तरक्की की एक मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद सही योजना और सामूहिक कोशिशों से गांव ने खुद को हरित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। कभी रात के वक्त अंधेरे में डूबे रहने वाले रास्ते अब सोलर लाइट की रौशनी से जगमगा रहे हैं।
ग्राम पंचायत भवन की छत पर तीन किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया गया है, जिससे रोजाना करीब 16 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा तैयार हो रही है। इस ऊर्जा से गांव में 40 सोलर स्ट्रीट लाइटें संचालित की जा रही हैं। इसके चलते मुख्य रास्तों, सार्वजनिक स्थलों और रिहायशी इलाकों में बेहतर रोशनी की व्यवस्था हो गई है।

कम खर्च, ज्यादा फायदा
ग्राम प्रधान ओमपाल सिंह ने बताया कि यह सोलर प्लांट राज्य वित्त से लगभग दो लाख रुपये की लागत से एक साल पहले लगाया गया था। इसका मकसद सिर्फ रोशनी बढ़ाना नहीं, बल्कि गांव को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि गांव में करीब 70 परिवार रहते हैं और सोलर लाइटों से बिजली का खर्च कम हुआ है, साथ ही रात के समय आवाजाही भी आसान और सुरक्षित हुई है।
प्रशासन ने सराहा प्रयास
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया व जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने नौगांव की इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि दूरदराज के इलाके में सोलर ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल पंचायत की जागरूकता और विकासोन्मुख सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल दूसरी ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि नौगांव स्वच्छता के क्षेत्र में पहले ही अच्छा काम कर चुका है और वर्ष 2023–24 में जिले में पहला स्थान हासिल कर पांच लाख रुपये का पुरस्कार भी पा चुका है।
ग्रामीणों की बदली जिंदगी
गांव की रीना देवी, मीनाक्षी देवी, रविन्द्र रावत और जगदीप सिंह का कहना है कि सोलर प्लांट लगने के बाद गांव की सूरत पूरी तरह बदल गई है। हर रास्ते पर रोशनी होने से डर खत्म हुआ है और माहौल ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है। ग्रामीणों ने इस पहल को राज्य के विकास विजन से जुड़ा बताते हुए ग्राम पंचायत के प्रयासों की सराहना की।






