अयोध्या, 2 फरवरी 2026:
श्रीरामलला के मुख्य पुजारी रहे आचार्य सत्येंद्र दास को उनकी पहली पुण्यतिथि पर सत्यधाम आश्रम स्थित गोपाल मंदिर में श्रद्धा और स्मरण के साथ याद किया गया। इस मौके पर संत-महंतों के साथ मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद महंतों और धर्माचार्यों ने कहा कि आचार्य सत्येंद्र दास करीब साढ़े तीन दशक तक केवल रामलला के पुजारी ही नहीं रहे, बल्कि अयोध्या की धार्मिक परंपरा और मंदिर आंदोलन के सजीव साक्षी भी थे। विपरीत हालातों में भी उन्होंने मर्यादा, धैर्य और अटूट भक्ति के साथ रामलला की सेवा की।
वक्ताओं ने कहा कि आचार्य सत्येंद्र दास का पूरा जीवन रामलला की सेवा को समर्पित रहा। वह हमेशा इस बात को लेकर चिंतित रहते थे कि भगवान की सेवा और भी बेहतर तरीके से कैसे की जाए। उनकी साधना और समर्पण आज भी सभी के लिए प्रेरणा है।
रामलला के वर्तमान पुजारी प्रदीप दास ने कहा कि आचार्य सत्येंद्र दास का जीवन सादगी, तपस्या और समर्पण का प्रतीक था। रामलला की सेवा में उनका योगदान अयोध्या के धार्मिक इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महंत धर्मदास, महंत गौरी शंकर दास, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत गिरीश दास, महंत छविराम दास, विधायक अभय सिंह, हिंदू धाम के शिवकुमार शास्त्री, मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी, विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश तिवारी, कांग्रेस नेता राजेंद्र प्रताप सिंह सहित अनेक संत-महंत शामिल रहे।






