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संभावित बाढ़ से पहले अलर्ट मोड में सरकार, संवेदनशील तटबंधों की ड्रोन, सेंसर व ड्रेजिंग से होगी निगरानी

सीएम योगी ने की समीक्षा बैठक, 11 जिलों के 19 अति संवेदनशील और 12 जिलों के 18 संवेदनशील तटबंधों पर विशेष फोकस, सभी तटबंधों और बैराजों पर रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश

लखनऊ, 4 फरवरी 2026:

यूपी में संभावित बाढ़ और भारी बारिश की चुनौती से निपटने के लिए योगी सरकार ने अभी से कमर कस ली है। सीएम योगी ने बाढ़ व अतिवृष्टि पूर्व प्रबंधन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारी जितनी मजबूत होगी, आपदा से निपटना उतना ही आसान और सफल होगा। सीएम ने तटबंधों, ड्रेनों और सभी संवेदनशील स्थानों की समयबद्ध मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और सतत निगरानी को अनिवार्य बताया।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में गंगा, सरयू (घाघरा), राप्ती, रामगंगा, गंडक, यमुना, गोमती और सोन नदी बेसिन के आसपास के जिले बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित रहते हैं। इस वर्ष नदी पट्टी और वर्षा पैटर्न के विश्लेषण के आधार पर 12 जनपदों के 18 तटबंधों को संवेदनशील और 11 जनपदों के 19 तटबंधों को अति-संवेदनशील चिह्नित किया गया है। संवेदनशील तटबंधों की लंबाई 241.58 किमी जबकि अति-संवेदनशील तटबंधों की लंबाई 464.92 किमी है। इन सभी स्थानों पर अग्रिम सुरक्षा कार्य प्राथमिकता के आधार पर जारी हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रेनों की सफाई और ड्रेजिंग कराई जा रही है। विभाग के अधीन 10,727 ड्रेन हैं। उनकी कुल लंबाई 60,047 किमी है। कई अहम रूटों की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष कार्य तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत ड्रेजिंग परियोजनाएं जनपदवार लागू की जा रही हैं। इससे नदी प्रवाह बेहतर होगा और तटीय इलाकों में जलभराव कम होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी तटबंधों और बैराजों पर रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए ड्रोन मैपिंग, वाटर लेवल सेंसर और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। योगी ने स्पष्ट किया कि जहां नदी उथली हो या सिल्ट अधिक हो वहां पहले ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन किया जाए। ड्रेजिंग से समाधान संभव न होने पर ही तटबंध या कटान निरोधी अन्य उपाय अपनाए जाएं। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 की संभावित बाढ़ से पहले हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद हो।

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