लखनऊ, 16 फरवरी 2026:
महाशिवरात्रि के पावन स्नान पर्व के साथ प्रयागराज के संगम तट पर धर्म, त्याग और समर्पण के प्रतीक माघ मेले का भव्य समापन हुआ। हर-हर महादेव और ऊं नमः शिवाय के जयघोष से संगम नगरी गूंज उठी। त्रिवेणी में पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अकेले महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर 40 लाख से अधिक भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। 44 दिनों तक चले माघ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या 22 करोड़ के पार पहुंच गई। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।
प्रदेशभर में महाशिवरात्रि की आस्था का उत्सव देखने को मिला। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्य, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी दर्शन-पूजन कर चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री पूरे आयोजन पर लगातार नजर बनाए हुए थे और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहे।

महाशिवरात्रि पर वाराणसी आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा से शिवभक्तों का स्वागत हुआ। भगवान श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के 63 मंदिरों से आई भेंट को मध्याह्न भोग आरती में अर्पित कर श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। शाम छह बजे तक 5.20 लाख से अधिक भक्तों ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से काशी गुंजायमान रही।
दूसरी तरफ अयोध्या में भी महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ उमड़ी। नागेश्वर नाथ और क्षीरेश्वर नाथ समेत प्रमुख शिवालयों में दर्शन के लिए लंबी कतारें दिखीं। सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के लिए पूरे धाम को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। श्रद्धालुओं की सुव्यवस्थित आवाजाही और चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता ने उत्सव को सुरक्षित और सुगम बनाया।







