नई दिल्ली/देहरादून, 23 फरवरी 2026:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर वर्ष 2027 में होने वाले हरिद्वार महाकुंभ की तैयारियों और गंगा से जुड़ी अहम परियोजनाओं पर विस्तार से बातचीत की। बैठक में कुंभ आयोजन को व्यवस्थित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर खास जोर रहा।
मुख्यमंत्री ने नमामि गंगे से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत करीब 408.82 करोड़ रुपये की योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी समय पर स्वीकृति जरूरी है। जनवरी से अप्रैल 2027 के बीच होने वाले महाकुंभ में देश और विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, ऐसे में गंगा की साफ सफाई और अविरल धारा बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी।
बैठक में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े 253 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी देने, जल जीवन मिशन के तहत अतिरिक्त धन जारी करने और इकबालपुर, कनखल व जगजीतपुर नहरों की क्षमता बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया गया। इन योजनाओं के पूरा होने पर असिंचित क्षेत्रों को करीब 665 क्यूसेक पानी मिल सकेगा, जिससे भगवानपुर और लक्सर इलाके के किसानों को सीधा फायदा होगा।
अनुमान है कि करीब 13 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचाई से जुड़ सकेगी और पेयजल की समस्या भी काफी हद तक कम होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हरिद्वार महाकुंभ 2027 को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही गंगा संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा ताकि आस्था के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।






