Uttar Pradesh

बच्चों से मुलाकात व मदद तक योगी का अपनापन… संवाद स्नेह से मोह लेते हैं बालमन

एडमिशन, इलाज हो या अन्य कोई परेशानी, त्वरित फैसलों से बच्चों का भरोसा जीता, कई मामलों में खुद की पहल

लखनऊ, 1 मार्च 2026:

सख्त प्रशासनिक छवि के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बच्चों से जुड़ा पहलू भी लगातार सामने आता रहा है। बच्चों के प्रति उनका खास लगाव दिखाई देता है। मुलाकात हो, जनता दर्शन का कार्यक्रम या विदेश दौरा, बच्चों से बातचीत और उनकी छोटी-बड़ी परेशानियों पर ध्यान देना अब उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां बच्चों की शिक्षा, इलाज या पारिवारिक परेशानी को लेकर मुख्यमंत्री ने सीधे हस्तक्षेप किया। कानपुर की खुशी गुप्ता की आवाज लौटाने से लेकर गोरखपुर की पंखुड़ी की पढ़ाई और फीस की चिंता तक, कई मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई। लखनऊ की अनाबी, कानपुर की मायरा और मुरादाबाद की वाची के स्कूल एडमिशन में भी प्रशासनिक मदद सुनिश्चित कराई गई।

WhatsApp Image 2026-03-01 at 2.29.02 PM

ये भी पढ़ें:

बच्चों से संवाद में दिखता अपनापन

Advertisement

बच्चों से बातचीत के दौरान उनका अंदाज औपचारिक नहीं बल्कि बेहद सहज रहता है। जनता दर्शन में कई बार बच्चे अपनी बात बेझिझक रखते नजर आए। एक बच्ची ने कविता सुनाई तो किसी ने सलाम किया, जिस पर उन्होंने मुस्कुराकर बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी और आशीर्वाद दिया। मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से बातचीत के दौरान जब मासूम ने चिप्स की मांग की तो माहौल हल्का हो गया और वहां मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। ऐसे कई मौके बच्चों के साथ उनके सहज रिश्ते को दिखाते हैं।

जापान दौरे में भी बच्चों से मुलाकात

विदेश दौरे के दौरान भी बच्चों से उनका जुड़ाव नजर आया। जापान के यामानाशी में भारतीय परिवारों के बच्चों से मुलाकात के दौरान एक बच्चे ने कर्पूरगौरं करुणावतारं मंत्र सुनाया। एक पंक्ति भूलने पर उन्होंने खुद मंत्र पूरा कराया और बच्चों के साथ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु मंत्र का उच्चारण भी किया। मुलाकात के अंत में बच्चों को चॉकलेट देकर उनका हौसला बढ़ाया।

WhatsApp Image 2026-03-01 at 2.29.02 PM (1)

फैसलों से बदली कई बच्चों की जिंदगी

कानपुर की मूक-बधिर खुशी गुप्ता की कहानी काफी चर्चा में रही। जानकारी मिलने पर उसका इलाज कराया गया और अब वह सुन और बोल पा रही है। लखीमपुर खीरी के शिवांशु और अजय कुमार, जिनके माता-पिता का निधन हो चुका था, उनकी पढ़ाई दोबारा शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए। जिला प्रशासन ने स्कूल में दाखिला, आर्थिक सहायता और जरूरी सामान उपलब्ध कराया।

इसी तरह जनता दर्शन में पहुंची अंजना भट्ट की शिकायत पर उनके मकान को कब्जामुक्त कराया गया, जिससे परिवार को राहत मिली। कई मामलों में बच्चों या उनके परिजनों की समस्या सुनते ही प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ये घटनाएं बतातीं हैं कि वो बच्चों से सीधे संवाद, उनकी जरूरतों को समझने और समय पर मदद देने के प्रति हमेशा गंभीर रहते हैं।

ये भी पढ़ें  अखिलेश यादव ने सड़क पर ही किया जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण, सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link