लखनऊ, 4 मार्च 2026:
यूपी में राजस्व संग्रह के मोर्चे पर योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य कर विभाग ने फरवरी माह में 9,731 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 352 करोड़ रुपये अधिक है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1,03,779 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह बीते वर्ष की समान अवधि से 402 करोड़ रुपये ज्यादा है।
इस बढ़ोतरी के पीछे सरकार की तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था और कर प्रणाली के सरलीकरण को प्रमुख कारण माना जा रहा है। जीएसटी 2.0 के तहत दरों के युक्तिकरण, ई-इनवॉइस, ई-वे बिल और ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग प्रणाली को सुदृढ़ किया गया। इससे करदाताओं के लिए अनुपालन आसान हुआ। इसका सकारात्मक असर स्वैच्छिक कर भुगतान में वृद्धि और कर चोरी पर अंकुश के रूप में सामने आया।
व्यापारी संवाद कार्यक्रमों ने भी अहम भूमिका निभाई।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित इन कार्यक्रमों में 10 हजार से अधिक व्यापारियों ने भाग लिया। जीएसटी सुधार और प्रक्रियागत सरलीकरण पर व्यापक चर्चा से विभाग और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय बना।
राज्य कर विभाग ने एआई आधारित रिटर्न स्क्रूटनी प्रणाली लागू कर 1.59 लाख करदाताओं के 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का विश्लेषण किया। इससे संदिग्ध मामलों की त्वरित पहचान संभव हुई। बोगस फर्मों के खिलाफ अभियान में 2,166 करोड़ रुपये की फर्जी आईटीसी का खुलासा हुआ, 345 एफआईआर दर्ज की गईं और 86 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसके साथ ही 137 करोड़ रुपये की आईटीसी ब्लॉक की गई। बकाया वसूली में भी विभाग ने 3,117 करोड़ रुपये की वसूली कर उल्लेखनीय प्रगति की, जो पिछले वर्ष से 1,939 करोड़ रुपये अधिक है। पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सख्त प्रवर्तन के समन्वय से राज्य कर विभाग ने राजस्व वृद्धि की नई इबारत लिखी है।






