Uttarakhand

उत्तराखंड में विकास को रफ्तार : सहस्त्रधारा पेयजल योजना, सतपुली बैराज व कई निर्माण कार्यों को मंजूरी

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित व्यय-वित्त समिति की बैठक में महत्वपूर्ण योजनाओं को मिली स्वीकृति, राज्य में पेयजल और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर जोर

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 5 मार्च 2026:

उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति देने की दिशा में गुरुवार को देहरादून स्थित सचिवालय में अहम बैठक हुई। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित व्यय-वित्त समिति की बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में अमृत 2.0 योजना के ट्रांच-2 के तहत सहस्त्रधारा पेयजल योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना का क्रियान्वयन उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा किया जाएगा। योजना के लागू होने से सहस्त्रधारा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और स्थानीय निवासियों को बेहतर जल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

ये भी पढ़ें:

इसके अलावा जनपद पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल और एकेश्वर विकासखंड के तहत सतपुली बैराज निर्माण के पुनरीक्षित प्रस्ताव को भी समिति ने स्वीकृति दी। इस परियोजना से क्षेत्र में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बैठक में जनपद नैनीताल के हल्द्वानी स्थित फायर स्टेशन परिसर में टाइप-द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के आवासों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। इससे अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होने की संभावना है।

इसके साथ ही देहरादून के डांडा लखौंड क्षेत्र में सहस्त्रधारा रोड पर शहरी विकास निदेशालय के नए कार्यालय भवन के निर्माण के प्रस्ताव को भी अनुमोदन मिला। वहीं, नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण के कार्य को समिति ने हरी झंडी दे दी।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन व्यवहारिक, मितव्ययी और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर तेजी से पूरा किया जाना चाहिए और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना और योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बैठक में सचिव नितेश झा, शैलेश बगौली, एसए अदांकी, युगल किशोर पंत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें  भाजपा महाराष्ट्र को अगला मणिपुर बनाना चाहती है : आदित्य ठाकरे

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link