Varanasi

5 बक्सों से शुरू हुआ सफर, ‘बनारसी हनी’ बना पहचान : शिवानी पटेल ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी

सीएम-युवा योजना की मदद से वाराणसी की शिवानी ने प्राइवेट नौकरी छोड़कर मधुमक्खी पालन से उद्यमिता की शुरुआत की, उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की कई महिलाओं के लिए उम्मीद और सशक्तीकरण की मिसाल बनी

लखनऊ/वाराणसी, 12 मार्च 2026:

यूपी सरकार के ‘नारी सशक्तीकरण’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को वाराणसी की शिवानी पटेल जमीन पर उतार रही हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (CM-YUVA) योजना की मदद से शिवानी ने अपनी जिंदगी की दिशा बदलने के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा की मिसाल बन गई हैं। उनका मधुमक्खी पालन का छोटा सा प्रयास ‘बनारसी हनी’ नाम के सफल ब्रांड के रूप में पहचान बना चुका है।

ओदार गांव की शिवानी बताती हैं कि एक समय वह निजी क्षेत्र में नौकरी करती थीं लेकिन उनके मन में हमेशा अपना व्यवसाय शुरू करने की इच्छा थी। इसी सोच के साथ उन्होंने जोखिम उठाया और मधुमक्खी पालन को अपनाते हुए महज पांच बक्सों से अपने उद्यम की शुरुआत की। हालांकि किसी भी नए व्यवसाय की तरह उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की व्यवस्था की थी।

इसी दौरान उन्हें प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के बारे में जानकारी मिली। इस योजना के तहत शिवानी को ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा मिली जिसने उनके सपनों को पंख दे दिए। वित्तीय सहयोग मिलने के बाद उन्होंने मधुमक्खियों के और बक्से खरीदे और उत्पादन को धीरे-धीरे बढ़ाया।

आज शिवानी का शहद स्थानीय बाजार में ‘बनारसी हनी’ के नाम से पहचाना जाता है। वह खुद मधुमक्खियों के बक्सों की निगरानी करती हैं। परिवार के सहयोग से शहद निकालकर उसकी शुद्धता सुनिश्चित करती हैं। उनके पास मल्टी-फ्लोरल और सरसों जैसे अलग-अलग प्रकार के शहद उपलब्ध हैं। इन्हें ग्राहक काफी पसंद कर रहे हैं।

शिवानी पटेल की यह यात्रा बताती है कि सही दिशा, दृढ़ संकल्प और सरकार के सहयोग से महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज में बदलाव की प्रेरणा भी बन सकती हैं। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की कई महिलाओं के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास की कहानी बन चुकी है।

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