वाराणसी, 13 जून 2026:
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार और शनिवार को विकास, जनकल्याण और धार्मिक आस्था से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देश में बदलाव का आधार बताते हुए कहा कि काशी ने 12 वर्ष पहले जो फैसला लिया था, उसने देश को नई दिशा देने का काम किया।
गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबी को करीब से देखा है, इसलिए उनकी योजनाओं का केंद्र गरीब, किसान, महिला, नौजवान और वंचित वर्ग रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा है और डीबीटी व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका खत्म की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के जरिए वाराणसी में 60 हजार स्ट्रीट वेंडर्स को पहली किस्त, 26,800 को दूसरी किस्त और 5 हजार से अधिक वेंडर्स को तीसरी किस्त का लाभ मिल चुका है। उन्होंने कहा कि जो वर्ग पहले उपेक्षित था, आज वही सम्मान के साथ अपना कारोबार कर रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनधन योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, महिला स्वयं सहायता समूहों और गरीब कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्षों में करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आया है। उन्होंने दावा किया कि देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी आज विकास और विरासत का मॉडल बन चुकी है। काशी विश्वनाथ धाम, नमो घाट, रोपवे परियोजना, इनलैंड वाटरवे और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी ने शहर की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि रोपवे के जरिए काशी सार्वजनिक परिवहन का नया मॉडल पेश कर रही है।
पीडब्ल्यूडी कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को सख्त निर्देश
सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने वाराणसी मंडल में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की प्रोग्रेस का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत के काम में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। गुणवत्ता और तय समय सीमा का हर हाल में पालन होना चाहिए।
बैठक में बताया गया कि वाराणसी परिक्षेत्र में 7,175 करोड़ रुपये की 2,630 परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें 687 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 542 परियोजनाओं का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। वाराणसी जिले में 3,223 करोड़ रुपये की 421 परियोजनाएं जारी हैं, जिनमें 85 पूरी हो चुकी हैं और 158 परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात से पहले जरूरी परियोजनाओं को पूरा किया जाए। सड़क मरम्मत से पहले सर्वे कराएं व जनप्रतिनिधियों के सुझावों को भी कार्ययोजना में शामिल किया जाए। उन्होंने चंदौली में बन रहे इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स और वाराणसी के यूनिटी मॉल की प्रोग्रेस की भी समीक्षा की।

लाभार्थियों को बांटे प्रमाण पत्र, चेक और चाबियां
गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित प्रदर्शनी और जनकल्याण शिविर का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता वितरित की। स्ट्रीट वेंडर्स को पथ विक्रय प्रमाण पत्र, पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को चेक और क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत आर्थिक सहायता और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सिलाई मशीनें व प्रमाण पत्र दिए गए।
मुख्यमंत्री ने एक जनपद-एक व्यंजन योजना के तहत शुरू किए गए फूड कार्ट का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कृषि, पर्यटन, समाज कल्याण, पंचायती राज, मत्स्य, खादी ग्रामोद्योग समेत कई विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।
काशी विश्वनाथ धाम, काल भैरव का किया दर्शन
शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम और काल भैरव मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। उन्होंने देश और प्रदेश की उन्नति, सुख-समृद्धि और लोकमंगल की कामना की। काल भैरव मंदिर में विधि-विधान से पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रमों और बैठकों में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, गिरीश चंद्र यादव, महापौर अशोक तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, नीलकंठ तिवारी, अवधेश सिंह, सुशील सिंह, त्रिभुवन राम, सुनील पटेल, एमएलसी धर्मेंद्र राय, सीमा द्विवेदी, पूनम मौर्या समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।






