विकास गोंड
वाराणसी, 5 मई 2026:
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नया ऐप आधारित सिस्टम लागू किया गया है। मंदिर न्यास ने यह कदम अलग-अलग राज्यों और देशों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
धाम में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिनकी भाषा और क्षेत्र अलग-अलग होते हैं। कई बार इसी वजह से उन्हें जानकारी समझने या सेवाओं तक पहुंचने में दिक्कत होती है। अब नई व्यवस्था के तहत दर्शन या विशेष पूजन के लिए संपर्क करने वाले श्रद्धालुओं का आधार नंबर और जरूरी जानकारी ऐप के जरिए दर्ज की जाएगी।
इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा। उसी के मुताबिक अलग-अलग भाषाएं जानने वाले कर्मचारियों की तैनाती होगी, ताकि श्रद्धालुओं को सीधे उनकी भाषा में मदद मिल सके और व्यवस्था ज्यादा आसान बने। यह सिस्टम एक मई से लागू कर दिया गया है। फिलहाल यह सुविधा आरती, अभिषेक या विशेष अनुरोध पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ही है। सामान्य दर्शन पहले की तरह मुफ्त और बिना किसी बदलाव के जारी रहेंगे। काशी के स्थानीय लोगों के लिए सुबह-शाम विशेष द्वार से दर्शन की सुविधा भी पहले जैसी ही रहेगी।
न्यास के मुताबिक यह व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है, क्योंकि श्रद्धालुओं की पहचान से जुड़ी जानकारी सीमित समय तक सुरक्षित रखी जाएगी। श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था को लेकर सुझाव भी मांगे गए हैं, जिन्हें आधिकारिक वेबसाइट skvt.org या जारी ईमेल आईडी पर भेजा जा सकता है।






