बिजनेस डेस्क, 5 मई 2026:
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में ही मुनाफावसूली हावी रही, जिससे सेंसेक्स करीब 360 अंक गिरकर 76,900 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24 हजार के नीचे फिसल गया। फिलहाल बाजार का रुख सतर्क नजर आया और ज्यादातर सेक्टर दबाव में दिखे।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 361 अंक टूटकर 76,907 के स्तर पर खुला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 134 अंक गिरकर 23,980 पर आ गया। शुरुआती ट्रेड में बैंकिंग, फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और मेटल शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। इसके उलट आईटी और मीडिया सेक्टर में हल्की मजबूती रही, जबकि एफएमसीजी और फार्मा शेयर सुस्त दिखे।
मुद्रा बाजार में भी दबाव साफ नजर आया। रुपया डॉलर के मुकाबले 17 पैसे गिरकर 95.40 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये की इस कमजोरी ने विदेशी निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। वैश्विक संकेत भी कमजोर रहे। एशियाई बाजारों में गिरावट का असर घरेलू बाजार पर दिखा। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 करीब 0.8% टूटा, हांगकांग का हैंग सेंग 1.4% गिरा, जबकि यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी लाल निशान में रहे।
मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए बड़ा निगेटिव फैक्टर बन रही है। होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 113 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.44% तक जाने और रुपये की गिरावट ने विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है।
हालांकि पिछले सत्र में विदेशी निवेशकों ने खरीदारी की थी, लेकिन बाजार में स्थायी तेजी के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे। आने वाले दिनों में कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे और मैनेजमेंट की टिप्पणियां ही बाजार की दिशा तय करेंगी।






