लखनऊ, 15 मार्च 2026:
चैत्र नवरात्र और सनातन नव संवत्सर के आगमन से पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक पत्र लिखा है। ‘योगी की पाती’ नाम से लिखे गए इस पत्र में उन्होंने प्रदेश के लोगों को नवरात्र और विक्रम संवत 2083 की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए नारी शक्ति के योगदान को विशेष रूप से सराहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाला आदिशक्ति की आराधना का पावन पर्व नवरात्र हम सभी के जीवन में भक्ति, शक्ति और नवचेतना का संचार करे। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश ने विकास और सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति की है और इस परिवर्तनकारी यात्रा में समाज के हर वर्ग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरम्भ होने वाला आदिशक्ति की आराधना का पावन पर्व नवरात्र हम सभी के जीवन में भक्ति, शक्ति एवं नवचेतना का संचार करे, इसी मंगलकामना के साथ आप सभी को सनातन नव संवत्सर (विक्रम संवत 2083) की हृदय से शुभकामनाएं। pic.twitter.com/FBSziH6aFX
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 15, 2026
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले के अराजक माहौल से निकलकर आज उत्तर प्रदेश ‘उपद्रव से उत्सव’ की ओर बढ़ा है। प्रदेश के इस नव निर्माण में नारी शक्ति का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्र केवल उपासना का पर्व नहीं बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और वंदन का भी महापर्व है। जिस समाज में बेटियां सशक्त होती हैं, वही समाज और प्रदेश मजबूत बनता है।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति से संवाद का उल्लेख करते हुए चंदौली की सोनी कुमारी की प्रेरणादायी कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि सोनी कुमारी फूलों की खेती के माध्यम से आत्मनिर्भर बनीं और उनके समूह की कई महिलाएं भी आज अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार मिशन शक्ति अभियान, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब 20 हजार स्टार्ट-अप्स में से लगभग आधे का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो सकारात्मक बदलाव का बड़ा उदाहरण है।
अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के हर क्षेत्र में बेटियों को भी बेटों के समान अवसर देने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश विकास की इस स्वर्णिम यात्रा को और आगे बढ़ाएगा।






